टूलकिट मामला: दिशा रवि तिहाड़ से हुई रिहा, एक लाख के मुचलके पर अदालत ने दी जमानत
टूलकिट एडिट करने की आरोपी पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि मंगलवार देर रात को तिहाड़ जेल से रिहा हो गई। जेल अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा की अदालत ने मंगलवार को एक लाख के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, जमानत मिलने के बाद पहले उन्हें जेल जाना पड़ा था। कागजी कार्रवाई के बाद दिशा की आज देर रात रिहाई हुई।
#UPDATE | Toolkit case: Disha Ravi released from Delhi's Tihar jail, says a jail official
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Disha was granted bail by a court earlier today. https://t.co/WMsimvYYcZ— ANI (@ANI) February 23, 2021
अदालत ने जमानत देते हुए दिशा रवि को आगे भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब भी तलब किया जाए जांच में शामिल हों। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि वह बिना अनुमति के देश के बाहर नहीं जाएगी।
Toolkit case: As a condition to granting bail to Disha Ravi, the court instructed her to continue to cooperate with the ongoing investigations & join the investigation as and when summoned; the court also said that she 'shall not leave the country without court's permission.
— ANI (@ANI) February 23, 2021
पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि किसानों के आंदोलन के समर्थन को लेकर तैयार की गई ‘टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट’ की जांच के मामले में मंगलवार को दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के कार्यालय पहुंची जहां उनसे निकिता और शांतनु को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हुई।
Toolkit case: Session Court of Patiala House Court allows the bail plea of Disha Ravi; Additional Session Judge Dharmender Rana grants bail to her on furnishing a bail bond of Rs 100,000 with two surety in like amount.
— ANI (@ANI) February 23, 2021
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने कहा था कि दिशा का मामले में अन्य आरोपियों निकिता जैकब और शांतनु मुलुक के साथ आमना-सामना कराना है।
जैकब और मुलुक सोमवार को जांच में शामिल हुए थे। द्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के कार्यालय में उनसे पूछताछ की गई। पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए ‘टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट’ की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरू की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया था जबकि जैकब और मुलुक को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
पुलिस ने आरोप लगाया था कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के नाम पर भारत में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह टूलकिट तैयार की गई। केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी बीच शांतनु मुलुक ने दिल्ली की अदालत में अपनी जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी।