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Delhi: अब आठ जगहों पर बिना रुके कटेगा टोल, ANPR और सर्विलांस कैमरों के साथ लगेंगे हाई-स्पीड नेटवर्किंग सिस्टम
Sun, 24 May 2026 05:31 AM IST
Digvijay Singh
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 24 May 2026 05:31 AM IST
सार
दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए जल्द ही टोल भुगतान का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए जल्द ही टोल भुगतान का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के आठ टोल प्लाजा पर फास्टैग और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) आधारित मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोल प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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नई व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हाईटेक कैमरे और सेंसर चलते वाहनों की नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर स्वतः टोल शुल्क काट लेंगे। सरकार का दावा है कि इससे टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम कम होगा और यात्रा अधिक तेज व सुगम बनेगी। इससे पहले यह प्रणाली यूईआर-दो पर लागू की जा चुकी है, जिसका हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उद्घाटन किया था। अब इसे दिल्ली-एनसीआर से जुड़े अन्य प्रमुख टोल प्लाजा तक विस्तारित किया जाएगा।
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परियोजना के तहत आरएफआईडी रीडर, एएनपीआर कैमरे, रडार, लिडार, सर्विलांस कैमरे और हाई-स्पीड नेटवर्किंग सिस्टम लगाए जाएंगे। ये कैमरे 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट भी पढ़ सकेंगे। यदि किसी वाहन पर फास्टैग नहीं होगा या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा, तब भी सिस्टम वाहन की पहचान कर ई-नोटिस जारी कर सकेगा। इसके लिए एनपीसीआई और एनआईसी के साथ एकीकृत ई-नोटिस प्रणाली विकसित की जाएगी।
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अधिकारियों के अनुसार, चयनित कंपनी को नौ महीने के भीतर सभी आठ टोल प्लाजा पर व्यवस्था लागू करनी होगी और इसके बाद अगले पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। मौजूदा टोल लेन को धीरे-धीरे बैरियर मुक्त सिस्टम में बदला जाएगा और कई स्थानों पर टोल से लगभग 350 मीटर आगे हाईटेक गैंट्री लगाई जाएंगी।