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Delhi Baby Care Fire:आग से सुरक्षा का रहेगा इंतजाम, तभी होगा पंजीकरण; नए नियमों में होंगी ये शर्तें

Mon, 27 May 2024 09:05 PM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Mon, 27 May 2024 09:05 PM IST
सार

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। बैठक ने उन्होंने कहा कि नवीनीकरण में भी यही शर्तें लागू होंगी। दिल्ली सरकार नियमों में बदलाव करने जा रही है। 

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Delhi Baby Care Fire There will be arrangements for fire safety only will be registered
सौरभ भारद्वाज - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली में नर्सिंग होम चलाने के लिए आग से सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने होंगे। ऐसा न होने की सूरत में भविष्य में न तो किसी का पंजीकरण होगा, न ही नवीनीकरण की सुविधा मिलेगी। इसके लिए नर्सिंग होम पंजीकरण और नवीनीकरण नियमों में बदलाव किया जा रहा है। अब हर तरह के नर्सिंग होम को आग से बचाने के इंतजाम करने होंगे, इसके लिए गाइड लाइन भी तैयार होगी। स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज की अध्यक्षता में बुलाई गई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया है।
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दरअसल, मौजूदा समय में नौ मीटर की ऊंचाई तक की इमारत में स्थित नर्सिंग होम के लिए फायर एनओसी की जरूरत नहीं होती। इसका फायदा उठाकर नर्सिंग होम आग से सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं करते। ऐसे में आग लगने की सूरत में हालात गंभीर हो जाते हैं। वहीं, मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा भी संदिग्ध रहती है। विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में आग की घटना के बाद सोमवार को सौरभ भारद्वाज की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव एसके जैन, दानिश अशरफ, डीजीएचएस डॉ. वंदना बग्गा, एनपीसीसीएचएच (डीजीएचएस) से एसपीओ डॉ. संजय सिंह शामिल हुए।
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बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर के साथ नौ मीटर की ऊंचाई तक स्थित नर्सिंग होम के लिए फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में ऐसे छोटे नर्सिंग होम हैं जो नौ मीटर के मानदंड का पालन करते हैं, लेकिन भविष्य में पंजीकरण या नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाली ऐसी इकाइयों के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष जांच करेगा।
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इसमें आग से बचाव को विशेष प्राथमिकता देते हुए जांच होगी। इसके लिए चेक लिस्ट में कुछ निवारक कदम जोड़े जाएंगे। इसमें देखा जाएगा कि नौ मीटर तक के नर्सिंग होम के पास पर्याप्त ओवरहेड टैंक क्षमता वाले वाटर स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशामक यंत्र और नियमित विद्युत ऑडिट का स्पष्ट प्रावधान है या नहीं। यदि ऐसा नहीं होता है तो डीजीएचएस भविष्य में नर्सिंग होम का पंजीकरण या उसका नवीनीकरण नहीं करेगा।

प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को 8 जून तक अपने-अपने अस्पतालों की फायर ऑडिट की कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करवाने को कहा गया है। अस्पतालों को अपने इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच करने के भी आदेश दिए हैं। गर्मियों के मौसम में अक्सर शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की घटनाएं देखी जाती हैं।

अनधिकृत ऑक्सीजन रिफिलिंग की होगी जांच
अस्पताल में अनधिकृत ऑक्सीजन रिफिलिंग की जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस व जिला मजिस्ट्रेट से मांगी है। दोषी पाए जाने पर स्वास्थ्य कार्रवाई करेगा। इसके अलावा अस्पताल का लाइसेंस खत्म हो गया था। इस संबंध में मामले की मुख्य फाइल सतर्कता विभाग को भेज दी गई है।

डीजीएचएस को भविष्य के संदर्भ के लिए फाइल की एक प्रति रखने की सलाह दी गई। मंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन से आग बहुत जल्दी बढ़ती है तो इसलिए हर जगह ऑक्सीजन रिफिलिंग के काम को नहीं किया जा सकता, इसके कुछ प्रावधान होते हैं, इसके लिए सरकार से अनुमति लेनी होती है I

मालिक के खिलाफ कोर्ट में दो मामले लंबित
बैठक में डीजीएचएस ने बताया कि नर्सिंग होम का मालिक डिफॉल्टर रहा है। मालिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने पहले से दो मामले दर्ज कराए हुए हैं। इन मामलों की तीस हजारी कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट में जांच लंबित हैं। सूत्रों का कहना है कि विभाग इन दोनों मामलों में जांच को तेजी से आगे बढ़ाएगा ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलवाई जा सके।

मंत्री ने बताया कि नर्सिंग होम के मालिक पर एक मामला औचक निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां पाई गई थीं, उस संबंध में चल रहा है। इसी प्रकार से इस अस्पताल के मालिक को बिना रजिस्ट्रेशन के एक अस्पताल चलाते हुए पकड़ा गया था, दूसरा मुकदमा उस मामले में चल रहा है। मंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ही इन मामलों में इस नर्सिंग होम के मालिक के खिलाफ अदालत का फैसला आएगा और उसे कड़ी सजा सुनाई जाएगी I

मदद करने वालों को सम्मानित करेगी सरकार
अस्पताल में आग लगने के बाद बच्चों की मदद करने वाली नर्स और आरडब्ल्यूए के कुछ सदस्यों को दिल्ली सरकार सम्मानित करेगी।

सभी अस्पतालों व नर्सिंग होम का होगा ऑडिट
बैठक में मंत्री ने आदेश दिया कि दिल्ली में मौजूद सभी सरकारी अस्पतालों और पंजीकृत निजी अस्पतालों का ऑडिट किया जाए ताकि उनकी अग्निशमन प्रणाली, नियमित विद्युत भार ऑडिट, ऑक्सीजन सुरक्षा, पानी के छिड़काव, नली के पाइप, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल, निकासी योजनाओं की जांच की जा सके। मंत्री ने निर्देश दिया कि दिल्ली के सभी निजी, सरकारी अस्पताल और नर्सिंग होम्स की आठ जून तक अग्नि ऑडिट की अनुपालन रिपोर्ट भेजें।


अकेले गए जायजा लेने
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि घटना के बाद अधिकारियों ने किसी तरह का जवाब नहीं दिया। ऐसे में अकेले ही घटनास्थल पर मामले की जानकारी लेने पहुंचे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 में रजिस्ट्रेशन खत्म हो गया था। फरवरी 2024 में इस नर्सिंग होम की ओर से रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया गया था, परंतु पर्याप्त कागजात न होने के कारण रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं किया गया था।
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