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Delhi University Vs Stephens College: सेंट स्टीफंस ने डीयू की आपत्ति के बाद भी प्रोस्पेक्टस नहीं लिया वापस
Fri, 03 Jun 2022 04:25 PM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 03 Jun 2022 04:25 PM IST
सार
कॉलेज ने प्रोस्पेक्टस में लिखा है कि वह सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट) को पात्रता मानदंड के रूप में अपनाएगा। इसमें सीयूईटी स्कोर को 85 फीसदी और साक्षात्कार को 15 फीसदी वेटेज दी जाएगी। इस कारण से कॉलेज और यूनिवर्सिटी के बीच विवाद बरकरार है।
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- फोटो : Social Media
विस्तार
डीयू और सेंट स्टीफंस कॉलेज के बीच दाखिला प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। डीयू की आपत्ति के बावजूद कॉलेज ने अब तक दाखिला प्रोस्पेक्टस वापस नहीं लिया है।
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कॉलेज ने प्रोस्पेक्टस में लिखा है कि वह सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट) को पात्रता मानदंड के रूप में अपनाएगा। इसमें सीयूईटी स्कोर को 85 फीसदी और साक्षात्कार को 15 फीसदी वेटेज दी जाएगी। इस कारण से दोनों के बीच विवाद बरकरार है।
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डीयू ने कहा है कि कॉलेज को गैर अल्पसंख्यक सीटों पर दाखिले सीयूईटी से करने होंगे। डीयू प्रशासन की ओर से कॉलेज को पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि सीयूईटी के बगैर किए गए दाखिलों को डीयू मान्यता नहीं देगा। डीयू की ओर से सोमवार को कहा गया था कि कॉलेज प्रोस्पेक्टस को वेबसाइट से हटाए। लेकिन कॉलेज ने अब तक इस पर अमल नहीं किया है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। डीयू का कहना है कि कॉलेज का इस तरह से प्रोस्पेक्टस जारी करना डीयू अकादमिक काउंसिल की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। इससे छात्रों में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
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सभी अल्पसंख्यक कॉलेज सहमत : डीयू
डीयू प्रशासन की ओर से बार-बार कॉलेज को दाखिले केवल सीईयूटी से करने के लिए कहा जा रहा है। अन्य अल्पसंख्यक कॉलेज दाखिलेे 100 फीसदी सीयूईटी से करने को सहमत हैं जबकि केवल सेंट स्टीफंस ही सीयूईटी और साक्षात्कार से दाखिला लेना चाहता है। डीयू का कहना है कि कॉलेज सबसे अलग दाखिला प्रक्रिया नहीं चला सकता है। उसे डीयू की दाखिला नीति को मानना ही पड़ेगा। उधर, डीयू और कॉलेज के बीच विवाद अब कोर्ट पहुंच गया है। डीयू का कहना है कि इस मामले के कोर्ट पहुंचने का प्रभाव जुलाई के दूसरे सप्ताह से शुरू होनेे वाली प्रवेश परीक्षा पर नहीं पड़ेगा।
डीयू के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा सेंट स्टीफंस कॉलेज
सेंट स्टीफंस कॉलेज ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने और कॉलेज द्वारा जारी किए गए प्रॉस्पेक्टस को वापस लेने के दिल्ली विश्वविद्यालय के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
न्यायमूर्ति संजीव नरूला के समक्ष कॉलेज के अधिवक्ता रोमी चाको ने कहा कि वे कॉलेज में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के साथ साक्षात्कार कर रहे हैं। यह प्रथा इतने सालों से चली आ रही है और इसकी अनुमति पहले से दी गई है। वहीं, डीयू की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने एक कानून की छात्रा द्वारा कॉलेज प्रवेश मानदंड को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका दायर की गई है और कल कॉलेज को भी नोटिस जारी किया गया है।
इस पर अब सुनवाई 6 जुलाई तय है। याचिकाकर्ता कॉलेज के वकील ने एएसजी की दलील पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस अदालत ने प्रतिवादी को याचिका पर निर्देश लेने का निर्देश दिया है। इस बीच इस याचिका पर सुनवाई को प्रभावित करने के लिए जनहित याचिका दायर की गई। यहां तक कि याचिकाकर्ता कॉलेज को भी जनहित याचिका पर अग्रिम नोटिस की प्रति नहीं दी गई।
अदालत ने कहा कि चूंकि मामला लगभग एक जैसा है, इसलिए मामलों की सुनवाई एक पीठ को करनी चाहिए। उन्होंने याचिका को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित कर दिया ताकि वहीं सुनवाई हो सके। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की खंडपीठ ने बुधवार को कानून की छात्रा कोनिका पोद्दार द्वारा दायर जनहित याचिका में नोटिस जारी किया था। जनहित याचिका में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए अनारक्षित वर्ग में प्रवेश के लिए साक्षात्कार का दौर आयोजित करने के सेंट स्टीफंस कॉलेज के फैसले को चुनौती दी गई है।