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दसवीं-बारहवीं के बच्चों के लिए कुछ निजी स्कूल आज से खुलेंगे
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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण दस माह से बंद स्कूल बीते सोमवार को खुलने के बाद अब कुछ निजी स्कूल बृहस्पतिवार से खुलने जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों को थर्मल स्कैनिंग और सेनिटाइजेशन के बाद ही एंट्री मिलेगी।
हालांकि अभी भी कम ही अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की मंजूरी दी है। वहीं बच्चों के लिए स्कूल बस या वैन की व्यवस्था नहीं होने से भी बच्चों की संख्या कम है। स्कूलों को उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में संख्या बढ़ सकती है।
मौसम विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने बताया कि बृहस्पतिवार से दसवीं व बारहवीं के बच्चों के लिए स्कूल खुल रहा है। बारहवीं के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए 65-68 फीसदी और दसवीं के बच्चों को भेजने के लिए 50 फीसदी अभिभावकों से मंजूरी मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में संख्या बढ़ जाएगी।
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कोविड प्रोटोकोल का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल में एंट्री थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजेशन के बाद ही मिलेगी। सामाजिक दूरी के पालन के लिए फर्श पर गोल घेरों से मार्किंग की गई है। एक कक्षा में 13-14 बच्चे ही रहेंगे। बच्चों को बस या वैन की सुविधा नहीं दी गई है, अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए कहा गया है। वहीं कुछ अन्य स्कूल भी इन्हीं नियमों का पालन कर बच्चों को एंट्री देंगे।
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हालांकि अभी भी कम ही अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की मंजूरी दी है। वहीं बच्चों के लिए स्कूल बस या वैन की व्यवस्था नहीं होने से भी बच्चों की संख्या कम है। स्कूलों को उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में संख्या बढ़ सकती है।
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मौसम विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने बताया कि बृहस्पतिवार से दसवीं व बारहवीं के बच्चों के लिए स्कूल खुल रहा है। बारहवीं के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए 65-68 फीसदी और दसवीं के बच्चों को भेजने के लिए 50 फीसदी अभिभावकों से मंजूरी मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में संख्या बढ़ जाएगी।
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कोविड प्रोटोकोल का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल में एंट्री थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजेशन के बाद ही मिलेगी। सामाजिक दूरी के पालन के लिए फर्श पर गोल घेरों से मार्किंग की गई है। एक कक्षा में 13-14 बच्चे ही रहेंगे। बच्चों को बस या वैन की सुविधा नहीं दी गई है, अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए कहा गया है। वहीं कुछ अन्य स्कूल भी इन्हीं नियमों का पालन कर बच्चों को एंट्री देंगे।