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शिक्षामंत्री को 5 करोड़ के मानहानि का नोटिस
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नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते सप्ताह बिना टीसी के सरकारी स्कूलों में दाखिला दिए जाने के लिए कहा था। इसके बाद बजट स्कूलों के संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (निसा) ने शिक्षामंत्री को पांच करोड़ रुपये के मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। निसा अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा का कहना है कि बजट स्कूल आम लोगों के लिए हैं। आम आदमी पार्टी से यह उम्मीद नहीं थी।
निसा अध्यक्ष कुलभूषण ने कहा कि पिछले दिनों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के तमाम निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से कोविड और लॉकडाउन के दौरान स्कूलों की वार्षिक फीस और विकास शुल्क लेने की मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बयान से निजी स्कूलों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण से ही निसा ने ही पांच करोड़ रुपये के मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है।
कुलभूषण शर्मा ने कहा कि यदि शिक्षामंत्री ने अपना बयान वापस नहीं लिया तो उन पर जल्द ही इस नोटिस के तहत मानहानि का दावा भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून व अधिनियम 1973 के नियम 139 के तहत किसी भी बच्चे का दाखिला बिना टीसी के नहीं हो सकता है। ऐसे में शिक्षामंत्री कानून और नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कैसे कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा है कि पहले तो सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए जगह ही नहीं है। ऐसे में शिक्षामंत्री निजी स्कूलों के बच्चों को बिना टीसी सरकारी स्कूलों में दाखिला देने की बात कहकर उनका अपमान कर रहे हैं। सरकार ऐसे आदेश देकर छोटे बजट स्कूलों को निशाना बना कर उन्हें बंद करने की साजिश कर रही है।
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निसा अध्यक्ष कुलभूषण ने कहा कि पिछले दिनों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के तमाम निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से कोविड और लॉकडाउन के दौरान स्कूलों की वार्षिक फीस और विकास शुल्क लेने की मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बयान से निजी स्कूलों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण से ही निसा ने ही पांच करोड़ रुपये के मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है।
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कुलभूषण शर्मा ने कहा कि यदि शिक्षामंत्री ने अपना बयान वापस नहीं लिया तो उन पर जल्द ही इस नोटिस के तहत मानहानि का दावा भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून व अधिनियम 1973 के नियम 139 के तहत किसी भी बच्चे का दाखिला बिना टीसी के नहीं हो सकता है। ऐसे में शिक्षामंत्री कानून और नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कैसे कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा है कि पहले तो सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए जगह ही नहीं है। ऐसे में शिक्षामंत्री निजी स्कूलों के बच्चों को बिना टीसी सरकारी स्कूलों में दाखिला देने की बात कहकर उनका अपमान कर रहे हैं। सरकार ऐसे आदेश देकर छोटे बजट स्कूलों को निशाना बना कर उन्हें बंद करने की साजिश कर रही है।