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Fire In Delhi : संगीता कर रही थी पति के फोन का इंतजार, आई मौत की खबर...

Fri, 20 May 2022 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, नई दिल्ली
शुजात आलम, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 20 May 2022 06:34 AM IST
सार

रोजाना दोपहर लंच के समय इंद्रजीत पांडेय करते थे अपनी पत्नी और बच्चों को फोन, बृहस्पतिवार को नहीं आई कॉल तो परेशान हो गई पत्नी। कुछ ही देर में फैक्टरी के एक दूसरे कर्मचारी ने कॉल कर आग लगने और इंद्रजीत के झुलसने की सूचना दी, इसके बाद अस्पताल भागा परिवार। जग प्रवेश चंद अस्पताल पहुंचने पर बेटे को पिता मृत मिले। 

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Sangeeta was waiting for her husband's call, the news of death came...
हादसे के बाद... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दोपहर के डेढ़ बज चुके थे, लेकिन आज इंद्रजीत का कॉल नहीं आया था, उनकी पत्नी संगीता का दिल बेचैन था। पता नहीं दिल अंदर ही अंदर घबरा रहा था। अचानक फोन की घंटी बजी और मनहूस खबर आई।

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साथ में काम करने वाले एक कर्मचारी ने फोन कर बताया कि फैक्टरी में आग लग गई है और इंद्रजीत बुरी तरह झुलस गए हैं। सुनते ही संगीता के पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसने बेटे आशुतोष को आवाज लगाकर बुलाया। परिवार भागा-भागा जग प्रवेश चंद अस्पताल पहुंचा तो वहां इमरजेंसी में इंद्रजीत स्ट्रेचर पर मृत मिले।
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पता चला कि हादसे में इंद्रजीत की मौके पर ही मौत हो गई थी। रोजाना लंच के समय इंद्रजीत पत्नी और बच्चों के पास कॉल कर उनका हाल लेते थे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। घर में इंद्रजीत की अकेले कमाने वाले थे। संगीता को चिंता सता रही है कि अब उनके परिवार का क्या होगा।
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जानकारी के अनुसार मूलरूप से गांव मेलानी साहेब वाजिद, बस्ती, यूपी के रहने वाले इंद्रजीत अपने परिवार के साथ सोनिया विहार, पांचवा पुश्ता, गली नंबर-3 में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी संगीता पांडेय के अलावा दो बेटे आशुतोष, अमन और बेटी सपना है। तीनों ही बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इंद्रजीत पिछले करीब 11 सालों से अंसार की फैक्टरी में काम करता था।

उसे सैलरी के नाम पर 10 हजार रुपये मिलते थे। रोजाना वह ओवर टाइम कर दो से ढाई हजार रुपये और कमा लेता था। फैक्टरी जाने के बाद रोजाना लंच के समय दोपहर एक बजे वह पत्नी संगीता और बच्चों के पास कॉल करता था। लेकिन बृहस्पतिवार को इंद्रजीत का कॉल नहीं आया तो पत्नी तो चिंता हुई। इसके बाद परिवार को इंद्रजीत की मौत की ही खबर मिली।


आशुतोष ने रोते हुए बताया कि घर में पिता जी ही अकेले कमाने वाले थे। अब उनकी मौत के बाद पति नहीं उनका क्या होगा। पुलिस ने इंद्रजीत का शव पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

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