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दिल्ली: नहीं बाज आ रहे मरीजों के ‘लुटेरे’, एम्स ने फिर पकड़ा दलाल, मरीजों को बहला फुसला कर करा रहा था जांच
Fri, 11 Feb 2022 09:38 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Fri, 11 Feb 2022 09:38 PM IST
सार
एम्स के सुरक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि दलाल गेट नंबर एक के बाहर अपनी कार खड़ा करता था और उसमें सभी दस्तावेज रहते थे। इसके बाद वह एम्स परिसर में घूमकर मरीजों से संपर्क करता था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
विस्तार
इलाज कराने दिल्ली एम्स आने वाले मरीज दलालों के शिकार बन रहे हैं। सालों से चले आ रहे इस गोरखधंधे पर अब प्रबंधन की नजर पड़ी तो बीते चार माह में तीसरी बार मरीजों के साथ हो रही इस लूट का पर्दाफाश हुआ है। एम्स के सुरक्षा गार्डों ने एक दलाल को पकड़ा है जो मरीजों को बहला फुसला कर बाहरी केंद्र पर चिकित्सीय जांच कराने ले जाता था। गौर करने वाली बात है कि इसी लैब के दलाल पहले भी एम्स में पकड़े जा चुके हैं, लेकिन अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों से जानकारी मिली है कि दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों को एफआईआर दर्ज करने की जगह उन्हें छोड़ दिया।
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शुक्रवार को एम्स प्रबंधन ने जानकारी दी है कि विभिन्न नैदानिक प्रयोगशालाओं के दलालों को पकड़ने के लिए एम्स का विशेष अभियान चल रहा है। इसी के तहत सस्ती दरों पर टेस्ट कराने की आड़ लेने वाले एक दलाल को एम्स के सुरक्षा विभाग ने रंगेहाथ पकड़ा। सुरक्षा गार्डों ने जब दलाल की जांच की तो उसके पास ग्रीन पार्क स्थित एक जांच लैब की जानकारी मिली। बाद में प्रबंधन ने इसे पुलिस के हवाले कर दिया।
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एम्स के सुरक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि दलाल गेट नंबर एक के बाहर अपनी कार खड़ा करता था और उसमें सभी दस्तावेज रहते थे। इसके बाद वह एम्स परिसर में घूमकर मरीजों से संपर्क करता था। विभाग ने उसकी कार डीएल 8सी एजेड 8273 को भी जब्त किया।
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उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि रमेश चंद नाम का यह शख्स अमायरा डायग्नोस्टिक लैब के लिए काम करता है। एम्स आए मरीजों को एमआरआई इत्यादि के लिए यह सौदेबाजी करता है और फिर उन्हें प्राइवेट लैब ले जाकर जांच करवाता है। दलाल के पास से उसका आधार कार्ड, लैब का आईकार्ड और 32 बिजनेस कार्ड पकड़े हैं जिस पर उसके नाम और लैब की जानकारी मौजूद है। रावत ने बताया कि इससे पहले पिछले वर्ष भी एम्स ने दो लोगों को रंगेहाथ पकड़ा था। वे भी बाहरी केंद्रों पर ले जाकर मरीजों की जांच करवा रहे थे।
तीसरी बार पकड़ी लैब, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
सुरक्षा विभाग ने बताया कि इसी अमायरा लैब के कर्मचारी पहले भी एम्स में पकड़े गए हैं। पिछले साल 25 नवंबर और 28 दिसंबर को औचक निरीक्षण के दौरान उक्त दलाल पकड़े गए थे जिन्हें दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया था लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार सुरक्षा विभाग ने रमेश चंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।