{"_id":"5ac02e0d4f1c1bbf618b4cd4","slug":"rishikesh-passenger-train-runs-22-km-without-guard","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिना गार्ड 22 किमी दौड़ी ऋषिकेश पैसेंजर, पुरानी दिल्ली से गाजियाबाद स्टेशन तक पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना गार्ड 22 किमी दौड़ी ऋषिकेश पैसेंजर, पुरानी दिल्ली से गाजियाबाद स्टेशन तक पहुंची
मोहसिन पाशा, गाजियाबाद
Updated Sun, 01 Apr 2018 06:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश पैसेंजर शनिवार को पुरानी दिल्ली से गाजियाबाद स्टेशन तक करीब 22 किलोमीटर बिना गार्ड के ही दौड़ी। गाजियाबाद में सवा घंटे तक ट्रेन को रोका गया, इसके बाद गार्ड की व्यवस्था कर रवाना किया गया। जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मामले में जांच बैठा दी गई है। उधर, ट्रेन के खड़े रहने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। काफी यात्री मेरठ शटल से बैठकर रवाना हो गए।
पुरानी दिल्ली से मेरठ होकर ऋषिकेश तक चलने वाली ट्रेन संख्या 54471 शुक्रवार की शाम 6:25 बजे पुराना गाजियाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। कंट्रोल से पहले ही स्थानीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई कि ऋषिकेश पैसेंजर बिना गार्ड के चली गई है। गाजियाबाद से गार्ड की व्यवस्था की जाए। ऋषिकेश पैसेंजर से करीब सवा घंटे बाद गाजियाबाद से गार्ड मिलने के बाद आगे के लिए रवाना हुई। उधर, गार्ड की व्यवस्था होने अफसरों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस बीच प्लेटफार्म नंबर दो मेरठ शटल को प्लेटफार्म नंबर दो पर लगाया गया ताकि कुछ यात्री इसमें बैठकर रवाना हो सकें।
विज्ञापन
पुरानी दिल्ली से मेरठ होकर ऋषिकेश तक चलने वाली ट्रेन संख्या 54471 शुक्रवार की शाम 6:25 बजे पुराना गाजियाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। कंट्रोल से पहले ही स्थानीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई कि ऋषिकेश पैसेंजर बिना गार्ड के चली गई है। गाजियाबाद से गार्ड की व्यवस्था की जाए। ऋषिकेश पैसेंजर से करीब सवा घंटे बाद गाजियाबाद से गार्ड मिलने के बाद आगे के लिए रवाना हुई। उधर, गार्ड की व्यवस्था होने अफसरों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस बीच प्लेटफार्म नंबर दो मेरठ शटल को प्लेटफार्म नंबर दो पर लगाया गया ताकि कुछ यात्री इसमें बैठकर रवाना हो सकें।
विज्ञापन
गार्ड के बगैर ट्रेन चली कैसे
रेलवे के नियम के मुताबिक बिना गार्ड के किसी भी हाल में ट्रेन को नहीं चलाया जा सकता। पुरानी दिल्ली स्टेशन के किस अधिकारी ने ऋषिकेश पैसेंजर को बिना गार्ड के चलाने का निर्देश दिया है। अब रेलवे अधिकारी इसी मामले की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
अधिकारियों ने क्या कहा
सहायक यातायात प्रबंधक, शीतल कुमार के मुताबिक ऋषिकेश पैसेंजर बिना गार्ड के गाजियाबाद तक आ गई थी। गार्ड की व्यवस्था करने में करीब दो घंटे का समय लगता है। हमने फिर भी कम समय में गार्ड की व्यवस्था करने के बाद ट्रेन में सवार करके उसे चलवा दिया।