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दिल्ली: लाल किला-चांदनी चौक चौराहे पर पहली स्क्रैम्बल क्रॉसिंग खुलने को तैयार, वाहनों के लिए स्पीड ब्रेकर का करेगी काम

Sat, 03 Jul 2021 11:49 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sat, 03 Jul 2021 11:49 PM IST
सार

स्क्रैम्बल टेबलटॉप क्रॉसिंग वाहनों के लिए स्पीड ब्रेकर का काम करेगी, जबकि पैदल यात्री इसका उपयोग करके सड़क पार कर पाएंगे। सड़क के दोनों तरफ रिफ्यूज आइलैंड (विशेष फुटपाथ) बना होगा।

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Ready to open first scramble crossing at Red Fort Chandni Chowk intersection will act as speed breaker for vehicles
Red Light - फोटो : social media

विस्तार

लाल किला-चांदनी चौक मार्ग पर दिल्ली की पहली स्क्रैम्बल टेबलटॉप (एक्स आकार की) क्रॉसिंग का निर्माण कार्य करीब पूरा हो चुका है। इसके 15 जुलाई तक खुल जाने की संभावना है। यहां ट्रैफिक लाइट पर गाड़ियां रुक जाएंगी और पैदल चलने वाले लोग किसी भी दिशा में रास्ता पार कर सकेंगे। साइकिल चालकों के लिए भी यह क्रॉसिंग पूरी तरह सुरक्षित होगा।

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स्क्रैम्बल टेबलटॉप क्रॉसिंग वाहनों के लिए स्पीड ब्रेकर का काम करेगी, जबकि पैदल यात्री इसका उपयोग करके सड़क पार कर पाएंगे। सड़क के दोनों तरफ रिफ्यूज आइलैंड (विशेष फुटपाथ) बना होगा। यहां पैदल यात्री सड़क पार करने से पहले रुकेंगे। लाल किला-चांदनी चौक मार्ग पुनर्विकास परियोजना से जुड़े लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 95 फीसदी निर्माण कार्य हो चुका है। 
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वर्तमान में छोटे पत्थरों को लगाने का काम किया जा रहा है। योजना है कि 15 जुलाई से पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और यातायात के लिए चौराहे को खोल दिया जाएगा।
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लंदन के ऑक्सफोर्ड सर्कस डायगोनल क्रॉसिंग की तर्ज पर बनी क्रॉसिंग
दिल्ली की पहली स्क्रैम्बल क्रॉसिंग को लंदन के ऑक्सफोर्ड सर्कस डायगोनल क्रॉसिंग की तर्ज पर विकसित किया गया है। इसके अलावा जापान, कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों में स्कैंबल क्रॉसिंग का व्यापक तरीके से उपयोग किया जाता है। इस परियोजना को 3.5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनायाजा रहा है।


इसका उद्देश्य चौराहे पर पैदल चलने वालों की आवाजाही को आसान बनाना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि लाल किले के सामने का क्षेत्र पुनर्विकसित चांदनी चौक के अनुरूप हो। चांदनी चौक से लाल किले आने-जाने वाले भारी यातायात के लिए इस चौराहे पर स्क्रैम्बल क्रॉसिंग की जरूरत थी। वर्तमान में प्रति घंटे करीब 4000 लोग (पैदल यात्री और मोटर वाहन यात्री) लाल किला जंक्शन से गुजरते हैं।

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