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अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटा रेलवे, तय किया बड़ा लक्ष्य

Sun, 27 Jun 2021 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 27 Jun 2021 06:16 AM IST
सार

  • रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने दो हजार करोड़ राजस्व अर्जित करने का रखा लक्ष्य
  • कॉमर्शियल व आवासीय विकास के लिए रेलवे अपनी जमीन को लीज पर देगा

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Railways engaged in bringing the economy back on track
भारतीय रेल - फोटो : Social media

विस्तार

कोविड काल में रेलवे की आर्थिक स्थिति भी बेहतर नहीं है। आर्थिक रूप से पटरी से उतरी रेलवे को उबारने की योजना पर रेलवे काम कर रहा है। इसी कड़ी में खाली पड़ें जमीन को कॉमर्शिल रूप से विकसित करने की मुहिम भी तेज हो गई है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने महामारी के प्रभावों से उबरने के लिए दो हजार करोड़ राजस्व सृजन का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 352 करोड़ रुपए अधिक है।

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रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने देश भर के 16 भूखंडों को लीज पर देने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। प्राधिकरण इन भूखंडों के मोनेटाइजेशन के माध्यम से लगभग 1,904 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। 16 साइटों में बुलेवार्ड रोड कॉलोनी (दिल्ली), रामगढ़ ताल कॉलोनी (गोरखपुर), गोमती नगर (लखनऊ) स्थित भूखंड, मौला अली फ्लाईओवर (सिकंदराबाद) के पास भूखंड और साल्ट गोला (हावड़ा) स्थित जमीन की बोली लगाई गई है। मार्केट क्षमता और बेहतर लोकेशन के कारण ये भूखंड वाणिज्यिक और आवासीय विकास के लिए उपयुक्त माना गया हैं।
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चार प्रकार केप्रोजेक्ट के लिए जमीन लीज पर दी जा रही है
रेल भूमि विकास प्राधिकरण चार प्रकार के प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन लीज पर दे रही है। इसमें कॉमर्शियल, रेजीडेंसियल साइट्स, कॉलोनी पुनर्विकास, स्टेशन पुनर्विकास और मल्टी फंक्शनल कॉम्प्लेक्स शामिल की गई हैं। भारतीय रेलवे के पास पूरे भारत में लगभग 43,000 हेक्टेयर खाली भूमि है।  देश भर में 84 कमर्शियल ग्रीनफील्ड साइट है। 
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आर्थिक विकास के साथ रोजगार का सृजन होगा:डुडेजा
रेल भूमि विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन वेद प्रकाश डुडेजा ने बताया कि सभी भूखंड महत्वपूर्ण शहरों में स्थित हैं। आवासीय व वाणिज्यिक विकास वालें भूखंड को विकसित करने के लिए डेवलपर्स को लीज पर दिया जाएगा। स्थानीय उप नियमों के अनुसार इन साइटों को विकसित करना अनिवार्य होगा। आर्थिक विकास के साथ ही रोजगार सृजन और संबंधित क्षेत्रों के रियल एस्टेट मार्केट की संभावनाओं को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। महामारी के प्रभावों से उबरने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 2,000 करोड़ रुपए के राजस्व सृजन का लक्ष्य रखा है। 84 रेलवे कॉलोनी पुनर्विकास किया जा रहा है। चरणबद्ध तरीके से 60 रेलवे स्टेशनों को भी विकसित किया जा रहा है। 


कॉमर्शियल व आवासीय विकास वाले क्षेत्र
प्राधिकरण ने रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर कॉमर्शियल विकास के लिए 16 साइट का चयन किया है। बोली लगाने वाली 16 जगहों में मुख्य रूप से दिल्ली के बुलेवार्ड रोड कॉलोनी, हावड़ा के साल्ट गोला, माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन स्थित भूखंड, गोमती नगर स्थित विभूति खंड, रामगढ़ ताल कॉलोनी और बौलिया कॉलोनी गोरखपुर में रेलवे कॉलोनी पुनर्विकास को शामिल किया गया है।

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