फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   railways contributing in Atm Nirbhar bharat abhiyan by saving diesel

डीजल बचा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान में सहयोग कर रहा रेलवे

Wed, 12 Aug 2020 11:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2020 11:49 PM IST
विज्ञापन
railways contributing in Atm Nirbhar bharat abhiyan by saving diesel
नई दिल्ली। डीजल की बचत करके रेलवे आत्मनिर्भर भारत योजना में सहयोग कर रहा है। न केवल डीजल बल्कि करीब सौ करोड़ रुपये भी सालाना बचाने की दिशा में बढ़ रहा है। इस राशि से एक वंदे भारत ट्रेन तैयार की जा सकती है। इसके लिए उत्तर रेलवे इन दिनों एलएचबी कोच को हेड ऑन जनरेशन प्रणाली में तब्दील कर रहा है।
विज्ञापन

कुल 2231 एलएचबी कोच में से 2211 कोच को हेड ऑन जनरेशन प्रणाली में बदला जा चुका है। ये कोच शताब्दी, राजधानी, हमसफर और एसी स्पेशल रेलगाड़ियों में जुड़ भी गए हैं। यानी अब इन ट्रेनों में बिजली की आपूर्ति के लिए अलग से जेनरेटर कोच लगाने की आवश्यकता नहीं है। इससे डीजल की खपत हर साल 1.3 करोड़ लीटर की बचत हो रही है। रेलवे को 92.5 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि वंदे भारत ट्रेन बनाने में 100 करोड़ रुपये खर्च होते हैं यानी यह बचत उतनी ही हो रही है जिससे प्रति साल एक वंदे भारत ट्रेन पटरी पर उतारी जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तर व उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की यह भी एक मुहिम है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के परंपरागत डिब्बों से अलग ये एलएचबी कोच वातानुकूलन, बिजली, पंखे, चार्जिंग प्वाइंट्स और रसोई यान में लगने वाली बिजली बिना पावर कार जनरेटर के ही चल रहे हैं। इसे होटल लोड कहा जाता है।

चौधरी ने बताया कि पावर इलैक्ट्रॉनिक्स कंट्रोल सिस्टम और पावर सप्लाई सिस्टम के क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन और निरंतर प्रगति के चलते भारतीय रेलवे रेल डिब्बों में बिजली की आपूर्ति के लिए हेड ऑन जनरेशन प्रणाली को अपना रही है। इस तरह से बिजली की आपूर्ति विद्युत लोकोमोटिव से की जाती है। इंजन के पेन्टोग्राफ से विद्युत करंट को टैप करके पहले ट्रांसफार्मर को भेजा जाता है और फिर कोच की विद्युत आवश्यकताओं के लिए 750 वोल्ट, 3. फेज 50 हर्ट्र्ज में परिवर्तित किया जाता है। यह प्रणाली पर्यावरण अनुकूल भी है। वायु व ध्वनि प्रदूषण भी इस तकनीक से ट्रेन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed