हाड़ कंपाती ठंड के बीच शाहीन बाग में सीएए के विरोध में बच्चों के साथ धरने पर करीब 250 महिलाएं
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शाहीन बाग में सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध लगातार जारी है। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद प्रदर्शन कर रहे लोगों के हौसलों में कोई कमी नहीं आई है। सोमवार को भी विरोध प्रदर्शन में लोगों की भारी भीड़ रही। जामिया में कई पूर्व नेता, छात्रनेता व सामाजिक कार्यकर्ता छात्रों के समर्थन में पहुंचे। शाहीन बाग में तो कुछ बच्चों ने पुलिस की वर्दी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं महिलाओं का कहना है कि केंद्र सरकार जब तक काले कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक वह सड़कों पर बैठे रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले करीब दो सप्ताह से अधिक समय से शाहीन बाग के सामने सरिता विहार-कालिंदी कुंज रोड पर लोग धरने पर बैठे हैं, इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
जामिया मिल्लिया में सोमवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रामाशंकर सिंह छात्रों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुसलमान हमेशा देश के साथ था और रहेगा। रामाशंकर ने केंद्र सरकार की निंदा करते हुए सीएए को तुरंत वापस लेने की मांग की।
आइसा की दिल्ली अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर ने कहा कि जो लोग नागरिकों को उनके कपड़ों से पहचानते हैं, वह लोग फासीवादी हैं। यह लोग देश को तोड़ना चाहते हैं। शाहीन बाग की महिलाएं इनको जोरदार जवाब दे रही हैं। डूटा की पूर्व अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा कि आज देश में संघी मानसिकता वाली सरकार है, वह हर उस आवाज को दबाना चाहती है जो उनके खिलाफ है। जामिया के साथ पूरे देश के विश्वविद्यालय खड़े हैं। प्रदर्शन के दौरान कई अन्य लोगों ने जामिया पहुंचकर अपने विचार प्रकट किए।
दूसरी ओर शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि उन्हें सभी धर्म के लोगों का समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग दवाइयां, खाना, पानी और जरूरत की अन्य चीजें लेकर वहां पहुंच रहे हैं। शाम को पूर्व कांग्रेसी विधायक आसिफ मोहम्मद खान और मौजूद निगम पार्षद वाजिद खान भी धरने में मौजूद रहे।