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बारहवीं तक कक्षाएं चलाने की अनुमति मांग रहे मान्यता प्राप्त निजी सेकेंडरी स्कूल
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नई दिल्ली। दिल्ली में दसवीं तक चलने वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूल बारहवीं तक कक्षाएं चलाना चाहते हैं। ये स्कूल चाहते हैं कि उन्हें केंद्र सरकार व राज्य सरकार दसवीं के बाद ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा भी चलाने की अनुमति दे। अनुमति हासिल करने के लिए उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हवाला दिया है।
स्कूलों का कहना है कि शिक्षा नीति में शिक्षा संरचना को बदला गया है ऐसे में दो कक्षाएं और चलाने की अनुमति स्कूलों को दी जाए। इसके लिए एर्फोडेबल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखा गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्य छाबड़िया ने कहा कि अब तक देशभर में स्कूली संरचना 10+2 तक की है। वहीं, नई शिक्षा नीति में इसे बदल कर 5+3+3+4 किया गया है। ऐसे में यदि कोई स्कूल दसवीं तक चल रहा होगा तो उसमें पढ़ने वाले बच्चे को दिक्कत होगी। बच्चा अपनी नौवीं दसवीं की आधी पढ़ाई एक स्कूल में व ग्यारहवीं बारहवीं की आधी पढ़ाई दूसरे स्कूल में करे ऐसा संभव नहीं हो सकेगा।
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दिल्ली में मान्यता प्राप्त सैकेंडरी स्कूलों की संख्या सौ से ऊपर है। चूंकि ऐसे स्कूल लैंड नियमों को पूरा नहीं कर पाते इस कारण से वह अब तक सैकेंडरी ( दसवीं) तक के ही हैं। इसलिए यह सरकार इस दिशा में कदम उठाए जिससे बारहवीं तक बच्चों को गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा मिल सके।
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स्कूलों का कहना है कि शिक्षा नीति में शिक्षा संरचना को बदला गया है ऐसे में दो कक्षाएं और चलाने की अनुमति स्कूलों को दी जाए। इसके लिए एर्फोडेबल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखा गया है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्य छाबड़िया ने कहा कि अब तक देशभर में स्कूली संरचना 10+2 तक की है। वहीं, नई शिक्षा नीति में इसे बदल कर 5+3+3+4 किया गया है। ऐसे में यदि कोई स्कूल दसवीं तक चल रहा होगा तो उसमें पढ़ने वाले बच्चे को दिक्कत होगी। बच्चा अपनी नौवीं दसवीं की आधी पढ़ाई एक स्कूल में व ग्यारहवीं बारहवीं की आधी पढ़ाई दूसरे स्कूल में करे ऐसा संभव नहीं हो सकेगा।
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दिल्ली में मान्यता प्राप्त सैकेंडरी स्कूलों की संख्या सौ से ऊपर है। चूंकि ऐसे स्कूल लैंड नियमों को पूरा नहीं कर पाते इस कारण से वह अब तक सैकेंडरी ( दसवीं) तक के ही हैं। इसलिए यह सरकार इस दिशा में कदम उठाए जिससे बारहवीं तक बच्चों को गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा मिल सके।