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माता-पिता के खराब रिश्तों से बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव : हाईकोर्ट

Sat, 11 Sep 2021 07:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 07:47 PM IST
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Poor parent relationship adversely affects academic performance of children: High Court
विजय सिंघल
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने कहा जब माता-पिता के बीच के रिश्ते खराब हो जाते हैं और वे अलग रहने लगते हैं तो अक्सर ऐसे मामलों में देखा जाता है कि बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को उनकी पसंद के स्कूल में पढ़ने की मंजूरी मिलनी चाहिए ताकि वे अपने बचपन के सपने को जी सकें। विशेषकर इस कोविड प्रोटोकॉल के समय में।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने यह फैसला एक बच्चे की मां की याचिका पर फैमिली कोर्ट के उस फैसले को खारिज करते हुए दिया जिसमें बच्चें को यूके के चार्टर हाउस स्कूल में दाखिले की अनुमति प्रदान करने से मना कर दिया था। दरअसल दंपती आपसी विवाद के कारण अलग रह रहे हैं। पति ने छोटे बच्चे का भी यूके में दाखिले पर आपत्ति जताई थी और फैमिली कोर्ट ने उनके पक्ष में निर्णय दिया था। 13 वर्षीय बच्चे का बड़ा भाई उक्त स्कूल में ही पढ़ रहा है।
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अदालत ने बच्चे की मां की ओर से पेश अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए कहा कि यदि उक्त बच्चे को भी उसी स्कूल में दाखिला प्रदान किया जाता है तो यह न केवल दोनों बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए अनुकूल होगा बल्कि उनके सामाजिक, शारीरिक और भावनात्मक कल्याण में भी योगदान देगा। अदालत ने कहा कि अधिवक्ता का यह तर्क भी उचित है कि दोनों पार्टियों के अलग होने के बाद दोनों बच्चों के अकादमिक प्रदर्शन में गिरावट आई है।
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अदालत ने कहा दुर्भाग्य से वर्तमान मामले में माता-पिता अपने मतभेदों को हल करने में सक्षम नहीं हैं। इसके कारण बच्चों को इस अलगाव का खामियाजा भुगतना पड़ा है, भावनात्मक और शैक्षणिक दोनों रूप से। हालांकि, यह उत्साहजनक है कि शुरुआती समस्याओं के बाद चार्टर हाउस स्कूल में बड़े बेटे के प्रदर्शन में वास्तव में सुधार हुआ है।
अदालत ने कहा मेरे विचार में यह वास्तव में बच्चों के सर्वोत्तम हित में होगा कि उन्हें चार्टर हाउस स्कूल में पढ़ने के लिए अपने बचपन के सपने को जीने का मौका दिया जाए। अदालत ने कहा भले ही बड़े बेटे के शैक्षणिक प्रदर्शन में शुरू में गिरावट आई, खासकर 2019 और 2020 के बीच, लेकिन 2021 में, उन्होंने एक उल्लेखनीय सुधार दिखाया है।
अदालत ने छोटे बेटे के वर्तमान स्कूल वसंत वैली स्कूल का हवाला देते हुए कहा उसका अकादमिक प्रदर्शन खराब हुआ है, बल्कि वास्तव में, उक्त स्कूल में उसके शिक्षकों ने यह देखते हुए कि वह एक अच्छा व्यवहार करने वाला और सम्मानित छात्र है। कहा कि उसे और अधिक गंभीर होने की आवश्यकता है।
अदालत ने कहा वसंत वैली स्कूल के शिक्षकों की टिप्पणियों के आलोक में उक्त छात्र के हित में होगा कि उसका वातावरण बदल जाए, ताकि उसे अपनी वास्तविक क्षमता तक पहुंचने में सक्षम बनाया जा सके। ऐसा करने के लिए, यह अवसर अपने बड़े भाई के साथ चार्टर हाउस स्कूल में पढ़ना है।

अदालत ने ये भी कहा इसके अलावा चार्टर हाउस बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने के बाद उसे ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना आसान हो जाएगा।
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