{"_id":"5deea71a8ebc3e880537809a","slug":"police-became-tough-due-to-compensation-ashram-news-noi4782653158","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजे के चक्कर में पुलिस हुई सख्त, बेटी को नहीं मिला शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजे के चक्कर में पुलिस हुई सख्त, बेटी को नहीं मिला शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुआवजे के एलान के बाद पुलिस हुई सख्त, नहीं सौंपा बेटी को शव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अनाज मंडी हादसे में मृतकों के परिजनों को लाखों के मुआवजे की घोषणा के बाद सोमवार को पुलिस ने भी काफी सख्त नियमों का पालन करते हुए परिजनों की पहचान की, फिर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव सौंपा। इसी बीच बिहार के सीतामढ़ी निवासी बेटी अपने पिता का शव लेने के लिए पहुंची तो पुलिस ने कागजात देखने के बाद शव सौंपने से इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों को बुलाने और जरूरी दस्तावेज के बाद ही शव मिल सकेगा। मोर्चरी के बाहर रोती-बिलखती नूरजहां ने बताया कि हादसे में उनके पिता एनुल की मौत हो गई है। लोकनायक अस्पताल में रविवार को उन्होंने अपने पिता के शव की शिनाख्त भी कर ली थी। उस वक्त पुलिस ने सोमवार को आकर शव ले जाने के लिए कहा था, लेकिन जब वह सोमवार को पहुंची तो पुलिस ने शव देने से इनकार कर दिया। चार वर्षीय मासूम बेटे को गोद में लिए नूरजहां का कहना है कि पहचान पत्र और संबंध स्थापित करने वाले दस्तावेज देने के लिए कहा गया। उन्होंने अपना पहचान पत्र दिखाया लेकिन आधार कार्ड में पिता का नाम नहीं था। उनके पति का नाम था। इसलिए पुलिस ने उन्हीं लोगों को बुलाने को कहा, जिनके आधार कार्ड पर मरने वाले का नाम लिखा हो।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अनाज मंडी हादसे में मृतकों के परिजनों को लाखों के मुआवजे की घोषणा के बाद सोमवार को पुलिस ने भी काफी सख्त नियमों का पालन करते हुए परिजनों की पहचान की, फिर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव सौंपा। इसी बीच बिहार के सीतामढ़ी निवासी बेटी अपने पिता का शव लेने के लिए पहुंची तो पुलिस ने कागजात देखने के बाद शव सौंपने से इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों को बुलाने और जरूरी दस्तावेज के बाद ही शव मिल सकेगा। मोर्चरी के बाहर रोती-बिलखती नूरजहां ने बताया कि हादसे में उनके पिता एनुल की मौत हो गई है। लोकनायक अस्पताल में रविवार को उन्होंने अपने पिता के शव की शिनाख्त भी कर ली थी। उस वक्त पुलिस ने सोमवार को आकर शव ले जाने के लिए कहा था, लेकिन जब वह सोमवार को पहुंची तो पुलिस ने शव देने से इनकार कर दिया। चार वर्षीय मासूम बेटे को गोद में लिए नूरजहां का कहना है कि पहचान पत्र और संबंध स्थापित करने वाले दस्तावेज देने के लिए कहा गया। उन्होंने अपना पहचान पत्र दिखाया लेकिन आधार कार्ड में पिता का नाम नहीं था। उनके पति का नाम था। इसलिए पुलिस ने उन्हीं लोगों को बुलाने को कहा, जिनके आधार कार्ड पर मरने वाले का नाम लिखा हो।