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जालसाजों की मदद करने वाला पोस्टमैन राजस्थान से गिरफ्तार

Thu, 27 May 2021 12:58 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:58 AM IST
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police arrests postman accused of helping cheaters
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जालसाजों की मदद करने वाले पोस्टमैन (डाकिया) को अलवर, राजस्थान से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह पोस्टमैन की वजह से चल रहा था। ये आरोपियों को एटीएम कार्डों की डिलीवरी करता था। आरोपी जालसाज आक्सीजन सिलिंडर व लाइफ सेविंग दवाएं पहुंचाने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी 60 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार रानीबाग निवासी नंदिनी ने चार मई को ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे कोविड-19 पीड़ित पड़ोसी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। उसे सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने का दावा करने वाला एक नंबर मिला। नंदिनी की ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराने की 48 हजार रुपये में बात तय हो गई।
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नंदिनी ने दो बार में पेटीएम के जरिये पैसे दे दिए। पैसे लेने के बाद आरोपी ने नंबर बंद कर लिया। इस बाबत रानीबाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी तरह की शिकायतों पर मौर्या एंकलेव व पश्चिमी विहार थाने में भी एफआईआर दर्ज की गई थीं। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसीपी राजेश कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर लोकेन्द्र चौहान की विशेष टीम बनाई गई।
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इस टीम ने राजस्थान के अलवर व भरतपुर जिलों में दबिश दी। पुलिस को पता लगा कि गनोरी गांव, भरतपुर में ये गिरोह सक्रिय है। बैंक खाते में काला कुंआ हाउसिंग बोर्ड अलवर लिखा हुआ था। मगर ये पता सही नहीं था। जांच के बाद पुलिस ने पोस्टमैन शिवलाल शर्मा को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
उसने बताया कि वह बैंक के एटीएम कार्ड रफीक को देता है। रफीक उसके पास मुश्ताक को एटीएम कार्ड लेने के लिए भेजता था। इसके लिए वह प्रत्येक एटीएम कार्ड के 200 रुपये लेता था। शिवलाल ने ये भी बताया कि उसके पास 30 एटीएम कार्ड हैं जो उसे मुश्ताक को देने हैं। जबकि डाक में वह इन कार्ड को डिलीवर दिखा चुका है। पुलिस ने सभी एटीएम कार्ड जब्त कर लिए।
ऐसे करते थे ठगी
पुलिस को जांच में पता लगा है कि आरोपी ऑनलाइन बैंक एकाउंट खोलते थे। इस तरह का बैंक खाता खोलने के लिए आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है। आरोपी मजदूरों से उनका आधार कार्ड लेकर ऑनलाइन बैंक खाता खुलवा लेते थे। जब एटीएम कार्ड बनकर आता था तो आरोपी शिवलाल उनको अपने पास रख लेता था और आरोपियों को सीधे पहुंचा देता था। आरोपी इन बैंक खातों का कुछ समय तक इस्तेमाल कर दूसरे गिरोह को 40 से 50 हजार रुपये में बेच देते थे।

शुरू में शिक्षक था शिवलाल
बडेर, अलवर राजस्थान निवासी शिवलाल ने अपने कैरियर की शुरुआत प्राइवेट स्कूल में शिक्षक के रूप में की थी। वर्ष 2011 में उसकी ग्रामीण डाक सेवा में अस्थाई तौर पर तैनाती हुई। पिछले चार वर्ष से उसकी तैनाती पोस्टमैन के रूप में हो गई थी। अभी उसकी तैनाती अलवर स्थित हैड पोस्ट ऑफिस में थी।
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