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20वां रोजगार मेला: पीएम मोदी ने 51,000 से अधिक युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- युवा बनाएंगे विकसित भारत
Sat, 19 Sep 2026 01:29 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 19 Sep 2026 01:29 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोजगार मेले का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं की क्षमता का एक और उदाहरण है। सरकार निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसरों को तेजी से बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
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PM Modi
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले के माध्यम से 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। ये नियुक्तियां विभिन्न सरकारी संगठनों में की गई हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य की भूमिका पर जोर दिया। यह आयोजन देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं की क्षमता का एक और उदाहरण है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। भारतीय स्टार्टअप की कहानी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। लगभग आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं। इसका अर्थ है कि गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के युवा भारत की नई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वो देश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। छोटे शहरों के युवा अपने नए विचारों पर काम कर रहे हैं। वे नई कंपनियां स्थापित कर रहे हैं। इसके माध्यम से दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि नवाचार अब केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है। सरकार इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता देश के विकास को गति दे रही है। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो पूरे देश में फैल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं की क्षमता का एक और उदाहरण है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। भारतीय स्टार्टअप की कहानी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। लगभग आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं। इसका अर्थ है कि गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के युवा भारत की नई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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वो देश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। छोटे शहरों के युवा अपने नए विचारों पर काम कर रहे हैं। वे नई कंपनियां स्थापित कर रहे हैं। इसके माध्यम से दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि नवाचार अब केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है। सरकार इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता देश के विकास को गति दे रही है। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो पूरे देश में फैल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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निजी क्षेत्र में रोजगार और सरकारी प्रोत्साहन
सरकार निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसरों को तेजी से बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इसी दृष्टिकोण के साथ 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' शुरू की गई है। इस योजना के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। यह योजना लगभग 2 करोड़ युवाओं को पहली बार कार्यबल में शामिल होने में सक्षम बनाएगी। इस योजना के तहत, सरकार पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन प्रदान कर रही है।
साथ ही, उन नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं जो नए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। संक्षेप में, सरकार देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। युवाओं के लिए नए अवसर तभी पैदा होते हैं जब देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि होती है। निवेश बढ़ता है, नए उद्योग स्थापित होते हैं और विभिन्न क्षेत्रों का विस्तार होता है।
सरकार निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसरों को तेजी से बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इसी दृष्टिकोण के साथ 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' शुरू की गई है। इस योजना के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। यह योजना लगभग 2 करोड़ युवाओं को पहली बार कार्यबल में शामिल होने में सक्षम बनाएगी। इस योजना के तहत, सरकार पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन प्रदान कर रही है।
साथ ही, उन नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं जो नए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। संक्षेप में, सरकार देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। युवाओं के लिए नए अवसर तभी पैदा होते हैं जब देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि होती है। निवेश बढ़ता है, नए उद्योग स्थापित होते हैं और विभिन्न क्षेत्रों का विस्तार होता है।
व्यापार समझौते और युवा तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। ये एफटीए हमारे युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं। ऐसे व्यापार समझौते उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ये नए बाजारों तक पहुंच प्रदान करते हैं और युवाओं के लिए नए कॅरिअर की संभावनाएं बनाते हैं। भारत सरकार ने लगातार युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप हों। पीएम सेतु योजना इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में उद्योग की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। ये एफटीए हमारे युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं। ऐसे व्यापार समझौते उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ये नए बाजारों तक पहुंच प्रदान करते हैं और युवाओं के लिए नए कॅरिअर की संभावनाएं बनाते हैं। भारत सरकार ने लगातार युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप हों। पीएम सेतु योजना इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में उद्योग की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। इन उत्सवों के बीच, आज हजारों परिवारों के जीवन में एक नई खुशी आई है। आज देश भर में 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। आप ऐसे समय में भारत सरकार में शामिल हो रहे हैं जब देश एक बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। यह लक्ष्य 2047 तक 'विकसित भारत' का निर्माण करना है। इस महत्वपूर्ण प्रयास में आप जैसे युवाओं की एक अहम भूमिका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। इन उत्सवों के बीच, आज हजारों परिवारों के जीवन में एक नई खुशी आई है। आज देश भर में 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। आप ऐसे समय में भारत सरकार में शामिल हो रहे हैं जब देश एक बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। यह लक्ष्य 2047 तक 'विकसित भारत' का निर्माण करना है। इस महत्वपूर्ण प्रयास में आप जैसे युवाओं की एक अहम भूमिका है।
सरकार के हिस्से के रूप में, आपके द्वारा लिया गया हर निर्णय 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के अभियानों को लगातार मजबूत करना चाहिए। युवा व्यक्तियों के रूप में, आप अपने साथी युवाओं के प्रति एक विशेष जिम्मेदारी निभाते हैं। आज हम देखते हैं कि हमारे युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने पूरी दुनिया का विश्वास जीता है। दुनिया हमारे नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और युवा शक्ति से उच्च उम्मीदें रखती है।
वैश्विक मंच पर भारत के युवाओं का योगदान
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कुछ दिन पहले ही संपन्न हुआ है। भारत ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे। बल्कि, हमारे उद्यमी, किसान, महिलाएं और युवा सभी इस साझेदारी में सक्रिय भागीदार बनें। यह भारत की समावेशी विकास की सोच को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कुछ दिन पहले ही संपन्न हुआ है। भारत ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे। बल्कि, हमारे उद्यमी, किसान, महिलाएं और युवा सभी इस साझेदारी में सक्रिय भागीदार बनें। यह भारत की समावेशी विकास की सोच को दर्शाता है।
इसी दृष्टिकोण के साथ 'ब्रिक्स कनेक्ट' और 'ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल' जैसी पहल शुरू की गई हैं। ये पहल वैश्विक स्तर पर भारतीय युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देंगी। यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी दर्शाती है। युवाओं का कौशल और नवाचार भारत को विश्व मंच पर मजबूत कर रहा है।