फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Omicron Cases in Delhi Now private labs will also do genome sequencing, 15 cases in a day

सुविधा: अब निजी लैब भी करेंगे जीनोम सीक्वेंसिंग, एक दिन में 15 मामले, देश में 168 संक्रमित

Tue, 21 Dec 2021 12:33 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 21 Dec 2021 12:33 AM IST
सार

दिल्ली सहित देश में सोमवार को 15 नए संक्रमितों के साथ ही ओमिक्रॉन मरीजों की संख्या 168 हो गई। केंद्र सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग को निजी लैब की पहचान और योग्यता देखने के साथ करार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

विज्ञापन
Omicron Cases in Delhi Now private labs will also do genome sequencing, 15 cases in a day
फाइल फोटो - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

ओमिक्रॉन सहित कोरोना वायरस के चिंताजनक स्वरूप का पता लगाने के लिए जल्द ही निजी प्रयोगशालाओं में भी जांच की सुविधा शुरू होगी।  देश में तेजी से बढ़ रहे ओमिक्रॉन के मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए आरटी पीसीआर की तरह अब प्राइवेट लैब भी जीनोम सीक्वेंसिंग कर सकेगीं। 
विज्ञापन


दिल्ली सहित देश में सोमवार को 15 नए संक्रमितों के साथ ही ओमिक्रॉन मरीजों की संख्या 168 हो गई। केंद्र सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग को निजी लैब की पहचान और योग्यता देखने के साथ करार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उम्मीद है कि नए साल में निजी लैब में जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू हो सकती है।
विज्ञापन


इन्साकॉग के अधिकारी ने बताया कि इस समय 28 सरकारी लैब में सीक्वेंसिंग की जा रही है, लेकिन सैंपल की संख्या बढ़ने से यहां काफी दिक्कतें आ रही हैं। इसीलिए सरकार ने प्राइवेट या किसी भी सरकारी लैब को इसमें सहभागिता करने का मौका दिया है। इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिनमें एक महीने में कम से कम 80 हजार सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग होना करना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीधे नहीं करा सकेंगे सीक्वेंसिंग
जिन निजी लैब को जीनोम सीक्वेंसिंग करनी है उन्हें पहले आवेदन देना होगा। उक्त लैब को सरकार से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक सैंपल के हिसाब से एमओयू में तय कीमत इन्हें मिलेगी। फिलहाल कोई भी व्यक्ति सीधे तौर पर जीनोम सीक्वेंसिंग नहीं करा सकेगा।

सैंपल पर नहीं होगा मरीज का नाम

एसओपी के अनुसार जीनोम सीक्वेंसिंग के किसी भी सैंपल पर मरीज के नाम या फिर उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं होगी। हर मरीज को एक गणितीय संख्या और इंग्लिश वर्णमाला के अक्षरों से मिला एक कोड दिया जाएगा और इसी कोड की सीक्वेंसिंग करते हुए लैब रिजल्ट अपलोड करेंगे। 

देश में 19 दिन में ओमिक्रॉन के 168 मामले, हर चौथे मरीज को मिली छुट्टी
देश में ओमिक्रॉन संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। बीते 19 दिन में इसके संक्रमितों की संख्या में 80 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली में सोमवार को 6, कर्नाटक में 5 और केरल में चार नए मामलों के साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या 168 हो चुकी है। राहत की बात यह है कि इनमें से लगभग हर चौथा संक्रमित ठीक होकर अपने घर लौट चुका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों में हल्के लक्षण मिले हैं। इनमें से किसी भी मरीज को अब तक आईसीयू में ले जाने की जरूरत नहीं हुई। साथ ही 64 फीसदी संक्रमितों को वैक्सीन की दोनों खुराक लग चुकी है। सोमवार को मिले नए संक्रमितों के साथ ही दिल्ली में कुल मामले बढ़कर 28, कर्नाटक में 19 और केरल में 15 हो गए हैं, जबकि सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में 54 हैं।

बूस्टर खुराक लगाने की इजाजत मिले: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से बूस्टर खुराक लगाने की अनुमति मांगी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा दिल्ली में बढ़ रहे मामले को देखते हुए केंद्र इसकी मंजूरी दे, ताकि हम जरूरतमंद लोगों को समय रहते वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दे सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed