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Hindi News ›   Delhi NCR ›   New Delhi News ›   underground parking of chandni chowk will not be closed

नहीं बंद होगी चांदनी चौक की अंडरग्राउंड पार्किंग

Sat, 05 Oct 2013 01:53 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 05 Oct 2013 01:53 AM IST
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नई दिल्ली हाईकोर्ट ने रामलीला देखने के लिए आने वाले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा के नाम पर चांदनी चौक में बनी अंडरग्राउंड पार्किंग को 15 दिन के लिए बंद करने की इजाजत नहीं दी।

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अदालत ने कहा कि रामलीला के कारण पूरे इलाके को बंद नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति मुरलीधर की विशेष खंडपीठ ने कहा कि चांदनी चौक में पहले से ही यातायात की समस्या बनी हुई है।

काफी प्रयास के बाद यहां पार्किंग शुरू हुई है। वीआईपी की सुरक्षा के नाम पर पूरे क्षेत्र को बंद नहीं किया जा सकता है।

खंडपीठ ने परेड ग्राउंड में रामलीला के आयोजनकर्ताओं के पार्किंग को बंद करने के तर्क पर नाराजगी जताई।

खंडपीठ ने कहा कि जब इंडिया गेट व बोट क्लब पर होने वाली राजनीतिक रैलियों व धरने-प्रदर्शन को वहां से स्थानांतरित किया जा सकता है तो क्यों न लोगों की सुविधा को देखते हुए रामलीला को ही स्थानांतरित कर दिया जाए।
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उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि रामलीला का गेट पार्किंग से अलग रखा जाए, जिससे पार्किंग में आने-जाने में बाधा नहीं आए।

खंडपीठ ने याची के उस तर्क पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि चांदनी चौक के विभिन्न व्यापार मंडल के सदस्य लाभ पाने के लिए बिना कारण मामले में पक्ष बन रहे हैं।

अदालत ने याचिका में उठाए कई मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए पेश वरिष्ठ अधिवक्ता को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता होने के नाते उनको अदालत की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए था।
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अदालत के कड़े रवैये को देख अधिवक्ता ने बिना शर्त माफी मांगते हुए याचिका वापस ले ली।

पुनर्वास पर काम न होने पर जताई नाराजगी

अदालत ने चांदनी चौक के पुनर्वास व पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर यातायात को सुचारु करने के मामले में ठोस उपाय न करने पर भी नाराजगी जताई।

अदालत ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य सचिव व यूटी पैक से संबंधित डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी को 15 अक्तूबर को पेश होने का निर्देश दिया है।

खंडपीठ ने कहा के पुनर्वास संबंधी मुद्दे पर मानुषी संगठन द्वारा दायर जनहित याचिका वर्ष 2007 से विचाराधीन है।

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