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नेहरू बाल चिकित्सालय में भी हड़ताल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 06 Oct 2013 02:21 AM IST
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नई दिल्ली स्थित अंबेडकर अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा अभी सुलझा भी नहीं था कि चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
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डाक्टरों की हड़ताल के चलते शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक मरीज बेहाल रहे। हालांकि शाम को सुरक्षा की मांग पूरी होने पर डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली।
जानकारी के मुताबिक गीता कालोनी स्थित चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में शुक्रवार रात को आपातकालीन विभाग में सीलमपुर का परिवार अपने छह महीने के बच्चे को लेकर पहुंचा था।
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ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने इलाज के बाद बच्चे को छुट्टी दे दी। हालांकि घर पहुंचने पर बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उसकी मौत हो गई।
गुस्साए परिजन रात को ही अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
परिजनों की धमकी के बाद शुक्रवार देर रात ही अस्पताल के करीब 80 रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
हड़ताल के चलते शनिवार को दिन भर मरीज परेशान रहे। दिनभर मात्र 10 से 15 मरीजों की जांच हुई।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप मोहता के अनुसार वार्ड से लेकर आपातकालीन विभाग में ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग मान लेने के बाद डॉक्टरों ने शनिवार शाम करीब सात बजे हड़ताल वापस ले ली।
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अंबेडकर अस्पताल में हड़ताल जारी
रोहिणी सेक्टर- 6 स्थित बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से चौथे दिन भी चिकित्सा सेवा पूरी तरह से ठप रही।
शनिवार को न तो ओपीडी खुली और ना ही आपातकालीन विभाग में मरीजों की जांच की गई। दो सौ रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते चार दिन से एक भी मरीज दाखिल नहीं किया गया हैं।
अस्पताल में हड़ताल के दिन 438 मरीज थे। जिनकी संख्या घटकर 70 से 80 रह गई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि सुरक्षा से जुड़ी उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।