{"_id":"8ae36aed83504c3ec6bf0edabd4aee77","slug":"principal-got-ill-after-eating-mid-day-meal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के बाद मिड डे मील खाने से प्रिंसिपल बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के बाद मिड डे मील खाने से प्रिंसिपल बीमार
नई दिल्ली
Updated Wed, 31 Jul 2013 11:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के बाद अब दिल्ली में भी खराब मिड-डे-मिल परोसने का मामला सामने आया है। स्कूल की प्रधानाचार्य की सतर्कता के चलते बच्चे इसे खाने से बच गए। हालांकि, इसे चखने से प्रधानाचार्य, एक टीचर और मिड-डे-मील आपूर्ति करने वाली एनजीओ की कर्मचारी बीमार हो गई।
विज्ञापन
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के रोहिणी सेक्टर स्थित स्कूल में मैत्री रिसर्च एवं डेवलपमेंट फाउंडेशन एनजीओ मिड-डे-मील की आपूर्ति करती है। संस्था के कर्मचारी सोमवार को हलवा व चना लेकर आए। नियम के अनुसार, हमेशा की तरह स्कूल की प्रिंसिपल ऊषा मेहता, टीचर सोनिका दहिया और एनजीओ की दो कर्मचारियों ने इसे चखा।
विज्ञापन
इसके करीब 10 मिनट बाद ही प्रधानाचार्य, टीचर और एनजीओ की एक कर्मचारी की तबीयत खराब हो गई। नगर निगम के मुताबिक, तीनों को नजदीक के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उपचार के बाद सोनिका दहिया एवं एनजीओ कर्मी को छुट्टी दे दी गई। जबकि ऊषा मेहता के परिजनों ने उसे नामी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जाता है कि उन्हें उल्टी होने के अलावा चेहरे पर सूजन भी आ गई है।
विज्ञापन
नहीं बांटा भोजन
घटना के बाद स्कूल की अन्य टीचरों ने बच्चों को मिड-डे-मील नहीं बांटा और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। एमसीडी के अधिकारियों ने मिड-डे-मील के नमूने एकत्रित करके लैब में भेज दिए, मगर उन्होंने किरकिरी से बचने के लिए इस घटना को दबाने की कोशिश की। मंगलवार सुबह मामले का खुलासा हुआ।
अधिकारियों को लगाई फटकार
सूचना मिलने के बाद कुछ ही देर में मेयर आजाद सिंह एवं स्थानीय पार्षद देवेंद्र सोलंकी स्कूल पहुंच गए। इसके बाद सिविक सेंटर में एक उच्चस्तरीय बैठक की गई। इस दौरान एनजीओ के पदाधिकारियों को भी तलब किया गया। इससे पहले घटना के संबंध में जानकारी न देने पर मेयर ने आयुक्त एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
एनजीओ के बचाव में आगे आई निगम
उत्तरी दिल्ली नगर निगम मैत्री रिसर्च एवं डेवलपमेेंट फाउंडेशन के बचाव में आ गई है। उसका कहना है कि प्रधानाचार्य, शिक्षिका एवं संस्था के दो सदस्यों ने खाना चखा लेकिन केवल तीन सदस्यों ने तबीयत खराब होने की शिकायत की। एक अन्य एनजीओ कर्मी को कुछ नहीं हुआ।
अभिभावक पहुंचे स्कूल
सोमवार की घटना के बारे में मालूम होते ही अधिकांश बच्चों के अभिभावक मंगलवार को इंटरवल से पहले ही स्कूल पहुंच गए। वहां उन्होंने अपने बच्चों को मिड-डे-मील खाने से मना कर दिया। हालांकि, इस दौरान टीचरों और पैरेंट्स के बीच नोकझोंक भी हुई।
सभी नमूने फेल
रोहिणी सेक्टर-21 स्थित स्कूल समेत 56 स्कूलों में मिड-डे-मील परोसने वाली मैत्री रिसर्च एवं डेवलपमेंट फाउंडेशन के खाने का एक भी नमूना छह माह में पास नहीं हुआ है।