{"_id":"1fac60817f10c629283f594899ce62d1","slug":"mukesh-and-pawan-got-your-old-lawyer","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकेश व पवन को अपना पुराना वकील मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुकेश व पवन को अपना पुराना वकील मिला
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 10 Oct 2013 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली में वसंत विहार गैंगरेप मामले में दोषी मुकेश व पवन गुप्ता के पुराने वकील एम एल शर्मा ने पुन: उनके मुकदमे की कमान थाम ली है।
विज्ञापन
शर्मा पहले भी मुकेश व उसके भाई राम सिंह की पैरवी कर चुके हैं।
उनके आते ही अपेक्षानुसार पहले दिन ही अदालत में हंगामा हो गया व उन्होंने सुनवाई कर रहे जज पर अविश्वास जताते हुए सुनवाई दूसरी बेंच के पास स्थानांतरित करवाने की बात कही।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल व न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ के समक्ष फांसी की सजा पाए मुकेश व पवन गुप्ता को पेश किया गया।
अधिवक्ता एम एल शर्मा ने खंडपीठ के समक्ष वकालतनामा पेश करते हुए कहा इन दोनों के परिवार के सदस्य भी अदालत में उपस्थित हैं और उनकी राय के बाद ही वे पेश हो रहे हैं।
विज्ञापन
अदालत ने उन्हें वकालतनामा रजिस्ट्ररी में पेश करने का निर्देश दे दिया।
वहीं पवन की तरफ से निचली अदालत में पेश होने वाले अधिवक्ता विवेक शर्मा ने अदालत को बताया कि वे अपना नाम वापस ले रहे हैं और उन्होंने सभी दस्तावेज पवन के पिता को सौंप दिए हैं।
अपील दायर करने के संबंध में पूछने पर एम एल शर्मा ने कहा उनको अभी मुकेश की तरफ से पेश होने वाले अधिवक्ता वी के आनंद ने दस्तावेज नहीं दिए हैं, इसलिए वे अपील दायर करने में असमर्थ हैं।
खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी तरफ से अपील दायर करने का समय 13 अक्तूबर को खत्म हो रहा है, लेकिन अदालत में अवकाश होने के कारण वे उन्हें 19 अक्तूबर तक का समय प्रदान कर रहे हैं।
अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।
जज पर अधिवक्ता ने आपत्ति जताई
पवन व मुकेश के अधिवक्ता एम एल शर्मा ने अदालत के बाहर बताया कि उन्होंने ट्रायल के दौरान अप्रैल में मुकदमे की सुनवाई स्थानांतरित करने, हिंदी में दस्तावेज दिलवाने इत्यादि मुद्दों पर न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष आवेदन दायर किया था।
उन्होंने उसे बिना सुने ही याचिका खारिज कर दी थी। ऐसे में उनके मुवक्किलों को न्याय की आशा नहीं है और वे बृहस्पतिवार को ही सुनवाई दूसरी बेंच के पास स्थानांतरित करने के लिए आवेदन दायर करेंगे।