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हर्षवर्धन की सिल्वर जुबली रोकने की तैयारी में मोंगा
अखिलेश कुमार/ नई दिल्ली
Updated Thu, 24 Oct 2013 01:54 AM IST
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डॉ. हर्षवर्धन को सिल्वर जुबली मनाने से रोकने के लिए कभी उनके साथ रहे डॉ. वीके मोंगा तैयार हैं।
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विधानसभा में चार बार आवाज उठा चुके हर्षवर्धन पांचवीं बार ताल ठोक रहे हैं।
वहीं, कृष्णा नगर सीट से दावेदारी करने वाले 34 कांग्रेस नेताओं की सूची में डॉ. मोंगा का नाम सबसे ऊपर है।
डॉक्टर होने के साथ क्षेत्र से निगम पार्षद रहे हैं, बाकी सात दावेदार ऐसे हैं जो विधानसभा या निगम का चुनाव हार चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. हर्षवर्धन को भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही कांग्रेस में सशक्त प्रत्याशी पर चर्चा शुरू हो गई है।
पूर्वी दिल्ली निगम से नेता प्रतिपक्ष वरयाम कौर, लवली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन आरपी मलिक, ताराचंद गौड़ के नाम पर भी चर्चा की जा रही है।
आरपी मलिक के आर्थिक रूप से सक्षम होने के साथ स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के माध्यम से घर तक पहुंच का दावा पार्टी से किया है।
वर्ष 2003 में कांग्रेस ने नरेंद्र जैन को मौका दिया था जो चुनाव हार गए थे। उन्होंने फिर दावेदारी की है।
रमेश पंडित, प्रवीन चौधरी, नीलम शर्मा, सुनील वोरा कांग्रेस के टिकट पर निगम का चुनाव हार चुके हैं जबकि दावेदार एस गुरमीत सिंह अकाली दल के टिकट पर तो क्षेत्रीय पार्षद बंसीलाल की पत्नी प्रवीन कुमार भी निगम का चुनाव हार चुकी हैं।
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हालांकि, बंसीलाल के बेटे धीरज ने भी मौका मांगा है।
विधानसभा चुनाव 2008 में डॉ. हर्षवर्धन कांग्रेस की प्रत्याशी दीपिका खुल्लर से महज 3204 वोट से चुनाव जीते थे।
इस बार दीपिका खुल्लर ने आवेदन नहीं किया है। ऐसे में कांग्रेस के बड़े नेताओं की नजर डॉ. मोंगा पर लगी हुई है।
उन्होंने सुर्ख गुलाब से मोह भंग होने और डॉ. हर्षवर्धन के रहते विधानसभा का मौका नहीं मिलने के कारण कांग्रेस का हाथ थामा है।
ऐसे में कांग्रेस अपने नए डॉक्टर को उतारकर भाजपा के सीएम इन वेटिंग के सामने कड़ा मुकाबला देना चाहती है।