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समर्थकों पर भारी, आयोग की पहरेदारी
अमर उजाला/ नई दिल्ली
Updated Wed, 30 Oct 2013 01:51 AM IST
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किसी पार्टी या प्रत्याशी का समर्थन करना आम समर्थकों को भारी पड़ने लगा है।
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चुनाव आयोग की पहरेदारी का असर है कि कोई भी समर्थक नेता का पोस्टर-बैनर घर के बाहर की दीवारों पर नहीं लगा सकता।
ऐसा करने वालों पर अभी तक 75 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
चुनाव आयोग ने अभी तक सरकारी संपत्ति के अलावा निजी संपत्ति पर भी किसी भी तरह का पोस्टर-बैनर लगाने पर रोक लगा रखी है।
आयोग के कड़े पहरे का असर है कि आचार संहिता लागू होने के बाद से अभी तक 3013 निजी संपत्तियों से पोस्टर-बैनर हट चुके हैं।
इसमें से ऐसा करने वाले 75 लोगों पर केस भी दर्ज हुआ है। ज्यादातर केस पोस्टर-बैनर लगाने के हैं।
इन सभी पर डिफेंसमेंट ऑफ प्राइवेट प्रॉपर्टी का केस दर्ज किया गया है।
इसी तरह अभी तक आयोग दिल्ली की 5656 सरकारी इमारतों से पोस्टर, बैनर व होर्डिंग हटा चुका है और 235 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पार्टियों में दिख रहा खौफ
आचार संहिता लागू होने के बाद से अभी तक कई पार्टियों पर 328 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इसमें 90 आम आदमी पार्टी, 75 भाजपा और 60 कांग्रेस के अलावा अन्य पार्टियों पर दर्ज हुए हैं।
चुनाव अधिकारियों की माने तो आचार संहिता लागू होने के बाद रोजाना करीब 20-25 एफआईआर दर्ज हो रही थीं। कड़े पहरेदारी का असर है कि एक सप्ताह में महज एक केस दर्ज हुआ है।