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अगले साल तैयार होगा सरिता विहार अंडरपास
New Delhi
Updated Sat, 03 Aug 2013 05:33 AM IST
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नई दिल्ली। सरिता विहार प्रोजेक्ट पर डीडीए व रेलवे आमने-सामने आ गए हैं। डीडीए जहां दिसंबर तक सरिता विहार क्लोवरलीफ और अंडरपास तैयार करने का दावा कर रहा है, वहीं रेलवे फरवरी से पहले अपने हिस्से में आए अंडरपास का काम पूरा नहीं कर सकेगा। रेलवे का कहना है कि हैवी ट्रैफिक वाले दिल्ली-मुंबई ट्रैक के नीचे काम करना चुनौती है। उम्मीद है कि छह महीने में अंडरपास तैयार कर लिया जाएगा।
दरअसल, नोएडा और ओखला औद्योगिक क्षेत्र के बीच की सीधा रास्ता निकालने के मकसद से मथुरा रोड स्थित सरिता विहार फ्लाईओवर पर डीडीए क्लोवरलीफ व अंडरपास तैयार कर रहा है। इसमें रेलवे लाइन के नीचे का हिस्सा रेलवे को पूरा करना है। लगातार आगे खिसकती तारीख के बीच डीडीए ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि दिसंबर तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। डीडीए का कहना है कि करीब 80 फीसदी काम पूरा हो गया है लेकिन रेलवे की लेटलतीफी एक बार फिर अड़चन खड़ी कर रही है। अंडरपास की लंबाई 1090 मीटर है। दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन के नीचे का करीब 180 मीटर हिस्से पर रेलवे काम कर रहा है। डीडीए के मुताबिक रेलवे ने पहले अपने हिस्से के कार्य गत वर्ष दिसंबर तक करने की बात कही थी। बाद में इस समय को जून तक बढ़ा दिया था। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंडरपास दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के नीचे से गुजरेगा। इस सेक्शन पर रोजाना करीब 300 ट्रेन गुजरती हैं। ट्रेनों की आवाजाही को बाधित किए बिना काम पूरा करना चुनौती है। फिर भी अगले छह माह मेें काम पूरा कर लिया जाएगा।
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दरअसल, नोएडा और ओखला औद्योगिक क्षेत्र के बीच की सीधा रास्ता निकालने के मकसद से मथुरा रोड स्थित सरिता विहार फ्लाईओवर पर डीडीए क्लोवरलीफ व अंडरपास तैयार कर रहा है। इसमें रेलवे लाइन के नीचे का हिस्सा रेलवे को पूरा करना है। लगातार आगे खिसकती तारीख के बीच डीडीए ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि दिसंबर तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। डीडीए का कहना है कि करीब 80 फीसदी काम पूरा हो गया है लेकिन रेलवे की लेटलतीफी एक बार फिर अड़चन खड़ी कर रही है। अंडरपास की लंबाई 1090 मीटर है। दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन के नीचे का करीब 180 मीटर हिस्से पर रेलवे काम कर रहा है। डीडीए के मुताबिक रेलवे ने पहले अपने हिस्से के कार्य गत वर्ष दिसंबर तक करने की बात कही थी। बाद में इस समय को जून तक बढ़ा दिया था। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंडरपास दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के नीचे से गुजरेगा। इस सेक्शन पर रोजाना करीब 300 ट्रेन गुजरती हैं। ट्रेनों की आवाजाही को बाधित किए बिना काम पूरा करना चुनौती है। फिर भी अगले छह माह मेें काम पूरा कर लिया जाएगा।
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