फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   New Delhi News ›   चुनाव के बीच कैसे पूरी होंगी दिल्ली की योजनाएं

चुनाव के बीच कैसे पूरी होंगी दिल्ली की योजनाएं

Sat, 01 Jun 2013 05:30 AM IST
New Delhi
New Delhi Updated Sat, 01 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2013-14 में योजनाओं पर 16 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की कार्य योजना तैयार की है। लेकिन अगले दो साल में दो चुनाव है जिसमें इसे खर्च करने की चुनौती भी है। इसकी चिंता मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पत्रकारों से बातचीत में जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव हैं, ऐसे में कोशिश होगी कि योजना को जल्द मूर्त रूप दें और योजना खर्च पूरा करें।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के समक्ष योजनाओं की रूपरेखा रखी जिसके बाद वार्षिक योजना को अंतिम रूप दिया गया।
विज्ञापन

पिछले वित्त वर्ष में दिल्ली सरकार के लिए योजना मद में 15 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए थे। जिसमें से सरकार 13, 229 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई है। मसलन, 1771 करोड़ रुपये कम खर्च करने को लेकर ही योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से सवाल पूछे और योजना एवं गैर योजना मद में खर्च संतुलन बनाने के लिए कहा। दिल्ली सरकार के कार्यों को योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने सराहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राज्य सकल घरेलू उत्पाद 11वीं योजना में 11.46 फीसदी के साथ देशभर में तीसरा रैंक हासिल किया है। पहले नंबर पर 22.78 फीसदी के साथ सिक्किम और दूसरे नंबर पर 13.67 फीसदी के साथ उत्तराखंड रहा है। अच्छे वित्तीय प्रदर्शन के साथ मानव विकास सूची (एचडीआई) में केरल के बाद दिल्ली 0.750 के साथ दूसरे रैंक पर है। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आयोग को बताया कि बजट का 93 फीसदी खर्च दिल्ली खुद जुटाती है। 12वीं योजना में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ पांच नर्सिंग स्कूल खोलकर अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष का वास्तविक वार्षिक योजना परिव्यय 13,229 करोड़ रुपये था। अब 21 फीसदी अधिक तय किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के प्राधिकरणों की योजना के तहत 626 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



इस पर लगाई है गुहार
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय करों में दिल्ली के हिस्से को समुचित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। 2001-02 से दिल्ली का हिस्सा 325 करोड़ रुपये बरकरार है। मुनक नहर चालू नहीं होने, एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने में हो रही देरी और बवाना संयंत्र तथा प्रस्तावित बामनौली संयंत्र के लिए गैस की उपलब्धता न होने से हो रही दिक्कतों पर योजना आयोग से विचार करने की बात कही।


योजना का मूर्त रूप देना चुनौती
राजधानी में अगले एक डेढ़ साल में विधानसभा व लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में जो योजना बनाई गई है और राशि रखी गई है उसे मूर्त रूप देने की चुनौती है। फिर भी वित्त वर्ष का हमारी सरकार के पास जो भी समय बचा है उसमें करने की कोशिश होगी। लेकिन बहुत ज्यादा परिवर्तन अभी तुरंत नहीं दिखेगा।
--शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed