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वितरण कंपनी ने उधार न चुकाया तो भुगतेगी जनता
New Delhi
Updated Wed, 22 May 2013 05:30 AM IST
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नई दिल्ली। बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस पर बिजली उत्पादन कंपनियों का करोड़ों रुपये बकाया है। उधार न चुकाने पर बिजली काटने की भी नौबत आई। इस गर्मी में बिजली काटी गई तो उपभोक्ताओं को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि हर दिन दिल्ली में बिजली की मांग बढ़ रही है।
दिल्ली के 75 फीसदी हिस्से में बिजली सप्लाई का जिम्मा बीएसईएस पर है। बीएसईएस पर कई बिजली उत्पादन कंपनियों का उधार है। इसके अलावा ट्रांसमिशन कंपनी, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड का भी कंपनी पर करोड़ों रुपये बकाया है। उधार चुकाने के लिए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन आज भी कंपनी की ओर से उधार नहीं चुकाया गया है। बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी, एनएचपीसी, पावर ग्रिड और दामोदर वैली कॉरपोरेशन का करोड़ों रुपये बकाया है। कई बार इन कंपनियों की ओर से बिजली काटने की धमकी दी गई है। पिछले दिनों बकाया भुगतान न करने पर दामोदर वैली कॉरपोरेशन ने बिजली की सप्लाई बंद कर दी थी। उस समय बिजली की मांग कम थी, इसलिए किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। अब भीषण गर्मी में बिजली काटी गई तो परेशानी हो सकती है। दिल्ली के अपने पावर प्लांट से महज 1200 से 1300 मेगावाट बिजली ही मिलती है। इसके अलावा दिल्ली को बिजली के लिए दादरी, झज्जर, डीवीसी व कुछ अन्य कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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दिल्ली के 75 फीसदी हिस्से में बिजली सप्लाई का जिम्मा बीएसईएस पर है। बीएसईएस पर कई बिजली उत्पादन कंपनियों का उधार है। इसके अलावा ट्रांसमिशन कंपनी, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड का भी कंपनी पर करोड़ों रुपये बकाया है। उधार चुकाने के लिए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन आज भी कंपनी की ओर से उधार नहीं चुकाया गया है। बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी, एनएचपीसी, पावर ग्रिड और दामोदर वैली कॉरपोरेशन का करोड़ों रुपये बकाया है। कई बार इन कंपनियों की ओर से बिजली काटने की धमकी दी गई है। पिछले दिनों बकाया भुगतान न करने पर दामोदर वैली कॉरपोरेशन ने बिजली की सप्लाई बंद कर दी थी। उस समय बिजली की मांग कम थी, इसलिए किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। अब भीषण गर्मी में बिजली काटी गई तो परेशानी हो सकती है। दिल्ली के अपने पावर प्लांट से महज 1200 से 1300 मेगावाट बिजली ही मिलती है। इसके अलावा दिल्ली को बिजली के लिए दादरी, झज्जर, डीवीसी व कुछ अन्य कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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