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अब नहीं होगी काउंसलिंग में देरी
New Delhi
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए काउंसलिंग में होने वाली देरी से अब छात्रों को राहत मिलने जा रही है। दिल्ली के उच्च शिक्षा मंत्री ने आईपीयू से संबद्ध संस्थानों को निर्देश जारी किया है कि हर साल 31 जुलाई तक काउंसलिंग पूरी हो जानी चाहिए। वहीं, छात्रों और अभिभावकों को परेशानी न हो, इसके लिए कहा गया कि फीस कमेटी फीस का निर्धारण सत्र शुरू होने से पहले ही कर दे।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर एके वालिया ने शुक्रवार को मान्यताप्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों के बेहतर प्रबंधन और शिक्षा में सुधार के लिए बैठक बुलाई। बैठक में आईपीयू के कुलपति प्रोफेसर डी के बंदोपाध्याय और इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशक व अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में लिए गए निर्णयों को दिशा-निर्देशों के रुप में जारी कर दिया गया।
बैठक में संस्थानों से कहा गया है कि योग्य छात्रों की वेटिंग लिस्ट बनाने के प्रस्ताव को भी जांचा जाए, जिससे कि अगर विभिन्न कॉलेजों में सीटें खाली हों, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट से भरा जा सके। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संस्थान माइग्रेशन वाले मामले को जल्द से जल्द निपटाएं, जिससे छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न हो। बैठक में भगवान परशुराम इंस्टीट्यूट, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट, महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट, एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, अंसल इंस्टीट्यूट, भारतीय विद्यापीठ, गुरु तेग बहादुर इंस्टीट्यूट, गुरु प्रेमसुख कॉलेज, एच एम आर इंस्टीट्यूट तथा नॉर्दन इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज के अधिकारी उपस्थित थे।
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उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर एके वालिया ने शुक्रवार को मान्यताप्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों के बेहतर प्रबंधन और शिक्षा में सुधार के लिए बैठक बुलाई। बैठक में आईपीयू के कुलपति प्रोफेसर डी के बंदोपाध्याय और इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशक व अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में लिए गए निर्णयों को दिशा-निर्देशों के रुप में जारी कर दिया गया।
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बैठक में संस्थानों से कहा गया है कि योग्य छात्रों की वेटिंग लिस्ट बनाने के प्रस्ताव को भी जांचा जाए, जिससे कि अगर विभिन्न कॉलेजों में सीटें खाली हों, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट से भरा जा सके। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संस्थान माइग्रेशन वाले मामले को जल्द से जल्द निपटाएं, जिससे छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न हो। बैठक में भगवान परशुराम इंस्टीट्यूट, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट, महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट, एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, अंसल इंस्टीट्यूट, भारतीय विद्यापीठ, गुरु तेग बहादुर इंस्टीट्यूट, गुरु प्रेमसुख कॉलेज, एच एम आर इंस्टीट्यूट तथा नॉर्दन इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज के अधिकारी उपस्थित थे।
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