{"_id":"137-26379","slug":"New-Delhi-26379-137","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘आशियाना उजाड़ कर नहीं चाहिए मेट्रो’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘आशियाना उजाड़ कर नहीं चाहिए मेट्रो’
New Delhi
Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। आशियाना उजाड़कर उसके बदले मेट्रो नहीं चाहिए। त्रिलोकपुरी में शुक्रवार को ऐसे करीब 100 से ज्यादा परिवार सड़क पर उतरकर यही नारे लगा रहे थे। त्रिलोकपुरी ब्लॉक 15 के ये निवासी जहां रहते हैं वह मेट्रो फेज तीन की लाइन (मयूर विहार फेज वन एक्सटेंशन से आनंद विहार) के रास्ते में आ रहा है। मेट्रो को निर्माण के लिए यहां करीब 165 मकानों को तोड़ना पड़ेगा। दरअसल मेट्रो फेज तीन की योजना के तहत ये लाइन त्रिलोकपुरी ब्लॉक 15 से होकर गुजरेगी। इससे यहां के करीब 165 मकानों के उजड़ने की आशंका है। मेट्रो इसे अधिग्रहित करके सर्वे के बाद तोड़ने की तैयारी में है। इस बाबत यहां रहने वालों को नोटिस भी थमा दिए गए हैं। इस के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी संख्या में यहां के निवासी सड़क पर उतरकर विरोध जताया। उनका कहना है सिर के ऊपर से छत हटाकर हमें मेट्रो नहीं चाहिए। स्थानीय निवासी जफर रिजवी ने बताया कि करीब 700 की आबादी बेघर हो जाएगी। उन्हें पुनर्वास के लिए जगह भी नहीं दी जा रही है। जबकि पहले जगह देने की बात कही गई थी। लोगों का कहना है कि 165 मकानों में रहने वाले 700 लोग कहां जाएंगे। लोगों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी, तो वह 30 अक्तूबर से भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
विज्ञापन