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आईएमए की मांग: डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बनाया जाए स्मारक, कोरोना से जान गंवाने वालों के नाम किए जाएं अंकित
Thu, 15 Jul 2021 10:20 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 15 Jul 2021 10:20 PM IST
सार
दिल्ली के प्रेस कल्ब में पत्रकारों से बात करते हुए आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जे ए जयलाल ने कहा कि डॉक्टर और सभी स्वास्थ्य कर्मचारी पहली पंक्ति में खड़े होकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। इस महामारी में अब तक 1524 डॉक्टरों ने अपनी जान गवां दी है।
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आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जे ए जयलाल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और स्वास्थ्य जागरूकता संस्थान इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड वेलबीइंग काउंसिल ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए स्मारक बनाने की मांग की है। आईएमए का कहना है कि स्मारक की स्थापना से समाज में डॉक्टरों के प्रति सम्मान बढ़ेगा और उनके प्रति होने वाली हिंसक घटनाओं में कमी आएगी।
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दिल्ली के प्रेस कल्ब में पत्रकारों से बात करते हुए आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जे ए जयलाल ने कहा कि डॉक्टर और सभी स्वास्थ्य कर्मचारी पहली पंक्ति में खड़े होकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। इस महामारी में अब तक 1524 डॉक्टरों ने अपनी जान गवां दी है। इनको सच्ची श्रदांजलि देने के लिए स्मारक बनना चाहिए। ये स्मारक ठीक उसी तरह होने चाहिए जैसे युद्ध स्मारक युद्ध के अनुभव को बताते हैं और सैनिकों के बलिदान को अमर करते हैं। सरकार से मांग है की जल्द से जल्द स्मारक बनाया जाए।
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इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड वेलबीइंग काउंसिल के सीईओ कमल नारायण ने कहा कि डॉक्टरों को उनके निस्वार्थ काम का शुक्रिया अदा करने के लिए शब्द नाकाफी है, क्योंकि इन सभी ने लोगों की भलाई के लिए अपनी जान भी दांव पर लगा दी। वे तब भी मरीजों की सेवा करते रहे, जब उनके मित्र और परिवार के सदस्य बीमारी के कारण दम तोड़ चुके थे। आम भारतीयों के रूप में यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम डॉक्टरों के अतुलनीय योगदान का सम्मान करें।
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सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखेंगे पत्र
दोनों संगठनों ने यह भी बताया कि उन्हे इस मांग में सामाजिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कई अन्य संगठनों का सहयोग और समर्थन मिल रहा है। संगठनों ने कहा कि राज्य स्तर पर इस तरह के स्मारक बनाने के लिए वे सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे।
दिल्ली के प्रेस कल्ब में पत्रकारों से बात करते हुए आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जे ए जयलाल ने कहा कि डॉक्टर और सभी स्वास्थ्य कर्मचारी पहली पंक्ति में खड़े होकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। इस महामारी में अब तक 1524 डॉक्टरों ने अपनी जान गवां दी है।