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लखनऊ : 10 अगस्त को हड़ताल पर रहेंगे देशभर के बिजलीकर्मी, उससे पहले आंदोलन का एलान
Thu, 15 Jul 2021 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 15 Jul 2021 06:06 AM IST
सार
- इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के बिल के विरोध में 15 लाख बिजली कर्मचारी एकजुट
- हड़ताल से पहले 19 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन का एलान
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में देश भर के करीब 15 लाख बिजली कर्मचारी व अभियंता 10 अगस्त को हड़ताल करेंगे। बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई) की बुधवार को हुई ऑनलाइन बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स, एटक, सीटू, इंटक और ऑल इंडिया पावरमेंस फेडरेशन के अध्यक्ष व महामंत्री मौजूद थे। हड़ताल से पहले 19 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन भी होगा।
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ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2021 को संसद में रखने और पारित करने का एलान किया है। जिसके विरोध में बिजली कर्मियों को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला लेना पड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिजली कानून में व्यापक बदलाव वाले इस बिल को जल्दबाजी में पारित करने के बजाए इसे संसद की बिजली मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए। कमेटी के सामने बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।
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दुबे ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में बिजली उत्पादन का लाइसेंस समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया, जिसके परिणाम स्वरूप देश की जनता को निजी घरानों से बहुत महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है। अब इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के जरिये बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है। जिससे बिजली वितरण के संपूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस प्रकार नए बिल के जरिये सरकार बिजली वितरण का संपूर्ण निजीकरण करने जा रही है जो किसानों और गरीब घरेलू उपभोक्ताओं के हित में नहीं है।
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उन्होंने बताया कि इस बिल के विरोध में 19 जुलाई को देश भर में बिजली कर्मी विरोध सभाएं करेंगे। 27 जुलाई को एनसीसीओईई के राष्ट्रीय पदाधिकारी दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह से मिलकर उन्हें ज्ञापन देंगे। 3 अगस्त को उत्तरी क्षेत्र, 4 अगस्त को पूर्वी क्षेत्र, 5 अगस्त को पश्चिमी क्षेत्र और 6 अगस्त को दक्षिणी क्षेत्र के बिजली कर्मी दिल्ली में श्रम शक्ति भवन पर सत्याग्रह करेंगे। इसके बाद 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार ने 10 अगस्त के पहले संसद में बिल रखा तो देश भर के बिजली कर्मी उसी दिन हड़ताल करेंगे।