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कामयाबी: एमसीडी स्कूल का बजा डंका, दुनिया के शीर्ष 10 स्कूलों में बनाई जगह

Fri, 10 Jun 2022 08:49 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Fri, 10 Jun 2022 08:49 AM IST
सार

लाजपत नगर स्थित एमसीडी को-एड प्राइमरी स्कूल ने वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 10 स्कूलों में जगह बनाने में हासिल की कामयाबी। 2015 से चल रहे स्कूल में कोरोना काल में भी छात्रों की संख्या नहीं हुई कम, पढ़ाई की गुणवत्ता भी रही बरकरार।
 

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Lajpat Nagar MCD school gets Top 10 ranking in worlds best schools 
एमसी़डी स्कूल

विस्तार

दिल्ली के एमसीडी स्कूल का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। लाजपत नगर स्थित एमसीडी को-एड प्राइमरी स्कूल ने 'वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल' रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 10 स्कूलों में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है। कोरोना महामारी के दौरान बच्चों की संख्या बढ़ाने एवं उनकी पढ़ाई के स्तर को बनाए रखने के मामले इसने बढ़त बनाई है। इस स्कूल ने गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट परिणाम दिए है। लिहाजा इस स्कूल ने पूरे देश में पब्लिक स्कूलिंग के लिए एक प्रकाशस्तंभ का काम किया है।

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नगर निगम के अनुसार, लाजपत नगर-3 के एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल को ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज फॉर इनोवेशन% श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची के लिए चुना गया है। यह स्कूल 2015 में बना था। क्वालिटी एन्हांसमेंट प्रोग्राम (एसक्यूईपी) के तहत यह स्कूल एमसीडी कमिश्नर का विजन रहा है। 
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स्कूल में एसक्यूईपी कार्यक्रम शुरू होने के बाद यहां बच्चों की शिक्षा में लगातार सुधार हुआ है। 2015 में इस स्कूल में बच्चो की संख्या 50 थी, लेकिन वर्ष 2022 तक यह संख्या बढ़कर 583 हो गई है। साफ है कि कोरोना काल में, जब बच्चे स्कूल छोड़कर घर बैठ रहे थे, तब भी यहां छात्रों की संख्या में तेजी से बढोत्तरी दर्ज की गई।
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दूसरी तरफ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से इस स्कूल में सुधार के कार्यक्रम शुरू किया गया था। छात्रों में स्कूलों के मजबूत प्रभाव के कारण यह स्कूल में कोरोना महामारी के दौरान नामांकन और शिक्षा के स्तर को बनाए रखने में सक्षम रहा है। कोरोना महामारी से पहले स्कूल में 85 प्रतिशत छात्र-छात्राएं अच्छे ग्रेड में उतीर्ण हुए थे। बाद में भी इस गुणवत्ता को बनाने में स्कूल कामयाब रहा। 


इन्हीं सब प्रयासों के कारण यह स्कूल नवाचार श्रेणी में शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रहा है। नवाचार के माध्यम से ही स्कूल ने सामुदायिक तालमेल और समर्थन हासिल करके छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जा सका।

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