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दिल्ली : बड़ी वारदात करने आया था काला राणा, पुलिस ने बताई एक और थ्योरी
Thu, 03 Mar 2022 04:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Mar 2022 04:01 AM IST
सार
लॅारेंस विश्वनोई-काला जठेड़ी- संपत नेहरा-गोल्डी बरार गिरोह जब भी भारत में कोई वारदात करवाता था तो काला राणा सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालकर आतंकी संगठनों की तरह हर वारदात की जिम्मेदारी लेता था।
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काला राणा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर-भारत के टॉप मोस्ट गैंगस्टर विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा उर्फ टाइगर बड़ी वारदात करने भारत आ रहा था, लेकिन पकड़ा गया। लॅारेंस विश्वनोई-काला जठेड़ी- संपत नेहरा-गोल्डी बरार गिरोह जब भी भारत में कोई वारदात करवाता था तो काला राणा सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालकर आतंकी संगठनों की तरह हर वारदात की जिम्मेदारी लेता था। टाइगर व कनाडा में बैठा गोल्डी बरार दोनों ही गिरोह के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे और हर एक वारदात की जिम्मेदारी लेते थे।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टाइगर बड़ी वारदात के लिए भारत आ रहा था। ये भी कहा जा रहा है कि काला जठेड़ी के गिरफ्तार होने के बाद थाइलैंड में बैठे काला राणा के सभी राज का पर्दाफाश हो गया था। ऐसे में यह गिरफ्तारी के डर से भारत आ रहा था। स्पेशल सेल में तैनात डीसीपी मनीषी चंद्रा की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप डबास की टीम ने आरोपी को आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। स्पेशल सेल उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
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स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काला राणा ने वर्ष 2019 में हरनाम के नाम से फर्जी पासपोर्ट चंडीगढ़ से बनवाया था। उसी समय राजू बसौदी ने भी फर्जी पासपोर्ट बनाया था। इसके बाद काला राणा थाइलैंड फरार हो गया था।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि लॉरेंस विश्वनोई-काला जठेड़ी- संपत नेहरा-गोल्डी बरार गिरोह में 100 से ज्यादा शूटर हैं। काला राणा थाइलैंड में बैठकर गिरोह को चला रहा था। यह व्हाटसएप व फोन के जरिए अपने शूटरों के संपर्क में रहता था। शूटर व इसके भारत में मौजूद गिरोह के सदस्य पैसों की उगाही कर इनके बैंक खातों में पैसा जमा करवा देते थे या फिर इनको हवाला के जरिए पैसे भेजते थे।
टीनू हरियाणा के जरिये हुई थी दोस्ती
यमुना नगर का रहने वाला काला राणा की शुरू में इलाके के मोनू राणा से दोस्ती थी। मोनू की लॅारेंस विश्नोई गिराहे के विरोधी भूपी राणा से रंजिश चल रही थी। भूपी राणा की पंजाब के देवेंद्र बाम्बिया गिरोह से दोस्ती थी। काला राणा की बाद में टीनू हरियाणा से दोस्ती हुई थी। टीनू राणा के जरिये उसकी जेल में लॉरेंस विश्नोई से दोस्ती हुई थी। इसने पंजाब मेे बहुचर्चित अजय उर्फ डंके की हत्या करवाई थी।