पुलिस, एमसीडी और मार्केट एसोसिएशन को मिलाकर बने ज्वाइंट एक्शन कमेटी
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल व अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिन से जिस तरह से दिल्ली के बाजारों को बंद किया जा रहा है, उसे लेकर व्यापारियों में दहशत है। पुलिस प्रशासन और एमसीडी की जवाबदेह तय होनी चाहिए।
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बाजारों को बंद कराने के मुद्दे पर व्यापारियों ने मंगलवार को महापंचायत की। इसमें जहां व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग कराना व लोगों को मास्क पहनने के लिए कहना दुकानदारों की जिम्मेदारी नहीं है, वहीं ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाने की भी मांग की गई। कमेटी में अनियंत्रित भीड़ को संभालने के लिए पुलिस, एमसीडी और मार्केट एसोसिएशंस को शामिल करने की बात की गई। व्यापारियों की महापंचायत में कहा गया कि पुलिस प्रशासन और एमसीडी भीड़ के लिए जिम्मेदार हैं। मार्केट में भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी व्यापारियों की नहीं है। व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के नेतृत्व में बुलाई गई वर्चुअल बैठक में करीब 200 व्यापारी संगठनों ने हिस्सा लिया।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल व अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिन से जिस तरह से दिल्ली के बाजारों को बंद किया जा रहा है, उसे लेकर व्यापारियों में दहशत है। पुलिस प्रशासन और एमसीडी की जवाबदेह तय होनी चाहिए। मुख्य रोड या सार्वजनिक सड़क पर भीड़ को नियंत्रित करने की पावर व्यापारियों के पास नहीं है।
सदर बाजार डिप्टीगंज के अध्यक्ष सुधीर जैन, कनॉट प्लेस के अध्यक्ष अतुल भार्गव और कमला नगर के व्यापारी नेता नरेश सांभर ने कहा कि अवैध रेहड़ी पटरी और हॉकर्स के कारण भी बाजारों में भीड़ बढ़ रही है। टैंक रोड के व्यापारी रमेश आहुजा ने बताया कि अगर किसी बाजार में कोविड नियमों का उल्लंघन होने पर बाजार को बंद किया जाता है तो उस मार्केट से संबंधित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों और एमसीडी अधिकारियों को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए। कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारी नेता विनय नारंग और चावड़ी बाजार के व्यापारी नेता ललित अग्रवाल ने कहा कि मार्केट एसोसिएशन, पुलिस अधिकारी और एमसीडी अधिकारियों को मिलाकर हर बाजार की एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी गठित की जाए, जो संबंधित बाजार में भीड़ और कोरोना नियमों को लेकर एक रोडमैप बनाकर उसको पालन करा सके।
मर्केंटाइल एसोसिएशन के श्रीभगवान बंसल ने कहा कि चांदनी चौक का व्यापार नो एंट्री की वजह से खस्ता हाल में है। इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी व्यापारियों और मार्केट एसोसिएशंस पर डाली गई है, इसको वापस लिया जाए। दिल्ली में संक्रमण का खतरा काफी कम हो गया है। नए मामले नहीं आ रहे है, बावजूद व्यापारियों को व्यापार करने से क्यों रोका जा रहा है।
इन्हें किया गया बंद
. दिल्ली में करीब 950 छोटे-बड़े बाजार हैं।
. इन बाजारों में 9 लाख दुकानें हैं और 15 लाख व्यापारी जुड़े हुए हैं।
. सबसे पहले लक्ष्मी नगर मार्केट को बंद किया गया।
. गांधी नगर मार्केट की 12 दुकानें बंद की गईं।
. नांगलोई में 2 बाजार बंद किए गए।
. सदर बाजार की रूई मंडी बंद की गई।
. लाजपत नगर की सेंट्रल मार्केट को बंद किया गया।
महापंचायत में ये हुए शामिल
कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ प्लेस, नया बाजार, खारी बावली, कनॉट प्लेस, करोल बाग, नेहरू प्लेस, सरोजनी नगर, कमला नगर, रोहिणी, पीतमपुरा और लक्ष्मी नगर के व्यापारी।