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जंतर-मंतर: चर्चों पर हमलों के विरोध में जुटे ईसाई, बोले- समुदाय के लोगों के खिलाफ हो रहा अत्याचार
Sun, 19 Feb 2023 05:29 PM IST
Digvijay Singh
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 19 Feb 2023 05:29 PM IST
सार
स्टीवन ने दावा किया कि 2021 में समुदाय के लोगों के खिलाफ अत्याचार के 525 मामले और 2022 में 600 मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसे मामलों की संख्या 2020 में 70 से बढ़कर 2022 में 183 हो गई।
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चर्चों पर हमलों के विरोध में जंतर-मंतर पर जुटे ईसाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के विभिन्न हिस्सों में गिरजाघरों पर हमले, हिंसा और गिरफ्तारियों के खिलाफ ईसाई समुदाय के लोगों ने रविवार को राजधानी दिल्ली के जंतर- मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के स्टीवन ने कहा कि हम पर लोगों को जबरन ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का आरोप लगाया जा रहा है। चर्चों पर हमला किया जा रहा है, हमारे लोगों को पीटा जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है। समुदाय के लोग दहशत के माहौल में जी रहे हैं।
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स्टीवन ने दावा किया कि 2021 में समुदाय के लोगों के खिलाफ अत्याचार के 525 मामले और 2022 में 600 मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसे मामलों की संख्या 2020 में 70 से बढ़कर 2022 में 183 हो गई। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के शिवपाल ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस जबरन धर्मांतरण के आरोप में लोगों को गिरफ्तार कर रही है। हमें अपने घरों में प्रार्थना करने की भी अनुमति नहीं है। कुछ महिलाओं को जन्मदिन समारोह के दौरान प्रार्थना करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
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स्टीवन ने आरोप लगाया कि समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एक 11 वर्षीय और एक व्यक्ति का नाम है जिसकी 2010 में मौत हो गई थी। वहीं दिल्ली के पंजाबी बाग आई पूनम ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में चर्चों पर हमला किया जा रहा है और हमारे समुदाय के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। उनके खिलाफ झूठे आरोपों के आधार पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हम यहां अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता व्यक्त करने आए हैं।
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