इस्रायली दूतावास बम धमाकाः 2012 में भी इस्रायल दूतावास की कार पर हुआ था आतंकी हमला
- दिल्ली पुलिस ने पत्रकार काजमी को गिरफ्तार किया था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में पहले भी आतंकी संगठन इस्रायली दूतावास को निशाना बना चुके हैं। 12 फरवरी, 2012 में इस्रायली दूतावास की कार को प्रधानमंत्री आवास के पास सफदरजग रोड क्रॉसिंग इस्रायली दूतावास की कार को निशाना बनाया था।
बाइक पर आए दो व्यक्ति दूतावास की इनोवा कार पर स्टिकी बम लगाकर फरार हो गए थे। इस बम धमाके में राजनयिक की पत्नी समेत चार लोग घायल हो गए थे। हालांकि इस बम धमाके में किसी की जान नहीं गई थी। दिल्ली पुलिस ने एक पत्रकार मोहम्मद काजमी को गिरफ्तार किया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राजनयिक की इनोवा कार में धमाका 12 फरवरी, 2012 में दोपहर करीब सवा तीन बजे हुआ था। धमाका के बाद इनोवा कार एक इंडिका कार से टकरा गयी थी और इनोवा कार में आग लग गई थी।
उपकरण में चुंबकीय टुकड़े मिले थे
धमाके के बाद पूरे इलाके को सील कर दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य एजेंसियों ने जांच पड़ताल की थी। छानबीन करने पर पता चला कि घटना के समय दूतावास के पास दो लाल रंग की बाइक सवार युवकों को देखा गया था। जिन्होंने कार पर कुछ चिपका दिया था। उसके थोड़े देर के बाद धमका हो गया था।
जांचकर्ताओं को बम को चिपकाने के लिए इस्तेमाल किए गए उपकरण में चुंबकीय टुकड़े मिले थे लेकिन इसके बारे में सीसीटीवी फुटेज से ज्यादा मदद नहीं मिल सकी। इस बम हमले में इस्राएली राजनयिक की पत्नी, उनका ड्राइवर और पास की कार में बैठे दो और लोग घायल हो गए थे।
स्वतंत्र पत्रकार को गिरफ्तार किया था-
दिल्ली पुलिस ने घटना के करीब एक महीने बाद एक स्वतंत्र पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी को गिरफ्तार किया था और दावा किया था कि वह एक ईरानी समाचार एजेंसी के लिए काम करता है। 50 साल के काजमी को बम हमले से जुड़े एक संदिग्ध के साथ संपर्क रखने के अंदेशे में गिरफ्तार किया है. यह संदिग्ध वह शख्स है जिसके बारे में पुलिस का मानना है कि उसने चुंबक बम को राजनयिक की कार में लगाया था। हालांकि तलाशी के दौरान पत्रकार के घर की तलाशी लेने से कुछ नहीं मिला था। बाद में पत्रकार को छोड़ दिया गया था और चार विदेशी लोगों की भूमिका सामने आई थी। ये लोग ईरान के बताए जा रहे थे, जो भारत में आए थे। पुलिस ने इस मामले में तभी चार्जशीट दाखिल कर दी थी।