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कदमताल : आईआईटी और आईआईआईटी दिल्ली एक साथ करेंगे मेडिकल रोबोटिक पर काम

Thu, 18 Nov 2021 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 18 Nov 2021 06:03 AM IST
सार

डिजिटल स्वास्थ्य, सेंसिंग व कंप्यूटिंग तकनीकों को विकसित करेंगे विशेषज्ञ। देश का पहला मेडिकल कोबोटिक्स सेंटर स्थापित।

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IIT and IIIT Delhi will work together on medical robotics
आईआईटी दिल्ली - फोटो : Social Media

विस्तार

आईआईटी दिल्ली और आईआईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ मिलकर अब मेडिकल रोबोटिक पर काम करेंगे। दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ डिजिटल स्वास्थ्य, सेंसिंग व कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी को विकसित करेंगे। इसके लिए देश का पहला मेडिकल कोबोटिक्स सेंटर स्थापित किया गया है।

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आईआईटी दिल्ली) का टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब व आई-हब फाउंडेशन फॉर कोबोटिक्स और इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली (आईआईआईटी दिल्ली) का टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (आईहब अनुभूति) ने बुधवार को आईआईआईटी-दिल्ली में भारत का पहला मेडिकल कोबोटिक्स सेंटर (एमसीसी) स्थापित करने के लिए समझौता किया है।
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मेडिकल कोबोटिक्स सेंटर में स्वास्थ्य रोबोटिक्स और डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुसंधान परिणामों के लिए एक सत्यापन केंद्र के रूप में कार्य होगा। इसके अलावा युवा रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए एक प्रौद्योगिकी सक्षम चिकित्सा सिमुलेशन और प्रशिक्षण सुविधा होगी। केंद्र अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों, पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीशियनों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के प्रशिक्षण की सुविधा भी प्रदान करेगा।
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आईआईटी दिल्ली के निदेशक, प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव ने कहा, ‘‘हम संयुक्त मेडिकल कोबोटिक्स सेंटर के लिए आईआईआईटी दिल्ली के साथ जुड़कर खुश हैं। सामाजिक लाभ के लिए तकनीकों को विकसित करने के लिए दोनों संस्थानों के शोधकर्ताओं के लिए एक साथ आना और एक केंद्रित तरीके से काम करना महत्वपूर्ण है।


वहीं आईआईआईटी दिल्ली के प्रो. रंजन बोस ने कहा कि ‘‘सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक होने के नाते, डीएसटी ने हमें कॉग्निटिव साइंसेज एवं सोशल सेंसिंग के व्यापक क्षेत्र में एक टीआईएच बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अगली पीढ़ी के रोबोटिक्स तकनीक के लिए कॉग्निटिव साइंसेज एवं सोशल सेंसिंग तकनीकें आवश्यक हैं, विशेष रूप से चिकित्सा क्षेत्र और डिजिटल स्वास्थ्य में बढ़ाएगा।

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