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खींचतान: गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष पद के लिए हाई-वोल्टेज ड्रामा, दोनों गुटों के बीच हुई तू-तू, मैं-मैं
Sun, 02 Jan 2022 08:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 02 Jan 2022 08:39 AM IST
सार
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष को लेकर शनिवार को जमकर खींचतान हुई। दो गुटों में जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। प्रबंधक कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस्तीफा देने के बाद जहां फिर से अपनी दावेदारी पेश कर दी तो वहीं प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने गुरुद्वारा एक्ट का हवाला देते हुए कुलवंत सिंह बाठ को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी
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फाइल फोटो
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विस्तार
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा शनिवार को चला। दो धड़े में विभाजित प्रबंधक कमेटी ने अपने-अपने नियम व शर्तो के अनुसार कार्यवाहक अध्यक्ष पद की दावेदारी की। अपने-अपने कार्यवाहक अध्यक्ष की घोषणा की।
शिरोमणी अकाली दल से भाजपा में शामिल हुए जहां प्रबंधक कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस्तीफा देने के बाद जहां फिर से अपनी दावेदारी पेश कर दी तो वहीं प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने गुरुद्वारा एक्ट का हवाला देते हुए कुलवंत सिंह बाठ को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी।
उधर, प्रबंधक कमेटी के ही कुछ सदस्यों ने सिरसा के दावे का समर्थन किया। शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गुरुद्वारा रकाब गंज में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरिम बोर्ड की बैठक बुलाई गई।
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कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका द्वारा बुलाई गई बोर्ड की बैठक में 12 में से 9 सदस्यों ने शामिल होकर मनजिंदर सिंह सिरसा का पहले से पेश किया गया इस्तीफा सर्वसम्मिति से स्वीकार कर लिया। इसे जनरल हाऊस की अनुमति के लिए भेज दिया। कमेटी का काम नहीं रूके इसलिए नई कमेटी के गठन तक कमेटी के उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह बाठ को अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।
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शिरोमणी अकाली दल से भाजपा में शामिल हुए जहां प्रबंधक कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस्तीफा देने के बाद जहां फिर से अपनी दावेदारी पेश कर दी तो वहीं प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने गुरुद्वारा एक्ट का हवाला देते हुए कुलवंत सिंह बाठ को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी।
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उधर, प्रबंधक कमेटी के ही कुछ सदस्यों ने सिरसा के दावे का समर्थन किया। शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गुरुद्वारा रकाब गंज में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरिम बोर्ड की बैठक बुलाई गई।
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कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका द्वारा बुलाई गई बोर्ड की बैठक में 12 में से 9 सदस्यों ने शामिल होकर मनजिंदर सिंह सिरसा का पहले से पेश किया गया इस्तीफा सर्वसम्मिति से स्वीकार कर लिया। इसे जनरल हाऊस की अनुमति के लिए भेज दिया। कमेटी का काम नहीं रूके इसलिए नई कमेटी के गठन तक कमेटी के उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह बाठ को अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।
दोनों गुटों के बीच हुई तू-तू, मैं-मैं
कालका द्वारा बुलाई गई मीटिंग वाले तय स्थान व तय समय पर ही पहले से मनजिंदर सिंह सिरसा बैठे हुए थे। कालका और अंतरिम बोर्ड के अन्य सदस्य जब कान्फ्रेंस हॉल में पहुंचे तो वहां पहले से ही सिरसा के साथ समर्थक सदस्य मौजूद थे। दोनों धड़े के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। इसके बाद कालका अपने कमरे में बैठक करने को मजबूर हुए।
जसमेन सिंह नोनी 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कसित
शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने पार्टी के सदस्य जसमेन सिंह नोनी द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए पार्टी की मर्यादा को कायम रखने के लिए उन्हें पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया।
प्रस्ताव पास किया
1. सिरसा का इस्तीफा मंजूर किया गया। जिसे जनरल हाउस के पास भेजा गया। कुलवंत सिंह बाठ को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी गई।
2. कमेटी के अंतरिम बोर्ड की मीटिंग बुलाने का अधिकार महासचिव के पास होता है। इस्तीफा दे चुके सिरसा द्वारा एक पत्र भेजकर अंतरिम बोर्ड की मीटिंग बुलाने का अधिकार नहीं। लिहाजा सिरसा की बुलाई मीटिंग को प्रस्ताव जारी कर नकार दिया गया।
3. हरिगोबिंद एनक्लेव में कमेटी के संस्थान के भ्रष्टाचार मामले में 3 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में कुलवंत सिंह बाठ, हरिंद्रपाल सिंह व विक्रमजीत सिंह रोहिणी को शामिल किया गया।
जसमेन सिंह नोनी 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कसित
शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने पार्टी के सदस्य जसमेन सिंह नोनी द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए पार्टी की मर्यादा को कायम रखने के लिए उन्हें पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया।
प्रस्ताव पास किया
1. सिरसा का इस्तीफा मंजूर किया गया। जिसे जनरल हाउस के पास भेजा गया। कुलवंत सिंह बाठ को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी गई।
2. कमेटी के अंतरिम बोर्ड की मीटिंग बुलाने का अधिकार महासचिव के पास होता है। इस्तीफा दे चुके सिरसा द्वारा एक पत्र भेजकर अंतरिम बोर्ड की मीटिंग बुलाने का अधिकार नहीं। लिहाजा सिरसा की बुलाई मीटिंग को प्रस्ताव जारी कर नकार दिया गया।
3. हरिगोबिंद एनक्लेव में कमेटी के संस्थान के भ्रष्टाचार मामले में 3 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में कुलवंत सिंह बाठ, हरिंद्रपाल सिंह व विक्रमजीत सिंह रोहिणी को शामिल किया गया।
कालका को अधिकार नहीं, सिरसा बने रहेंगे निवर्तमान अध्यक्ष
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी लीगल सेल के चेयरमैन जगदीप सिंह काहलों और अंतरिम कमेटी सदस्य एमपी सिंह चड्ढा, कुलदीप सिंह साहनी, परमजीत सिंह चंढोक ने दावा किया है जब मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपना इस्तीफा वापिस ले लिया है तो इसको अंतरिम कमेटी की तरफ से मंजूर करने का सवाल ही नहीं उठता।
यह भी स्पष्ट किया है कि अंतरिम कमेटी के पास कोई भी फैसला लेने का अधिकार नहीं है। क्योंकि इसका कार्यकाल खत्म हो चुका है। यह भी कहा कि गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय निदेशक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी को हटाने का अधिकार सिर्फ कमेटी के जनरल हाऊस के पास है। तीन चौथाई बहुमत के साथ प्रस्ताव पास किया जाना जरूरी है।
सिरसा के समर्थन में कहा कि कान्फ्रेंस हॉल में जब कालका को यह बताया गया कि कि सिरसा अपने पद पर बने रह सकते है। अंतरिम कमेटी के पास अधिकारी के इस्तीफे बारे सलाह लेने का अधिकार नहीं है तो सरदार हरमीत सिंह कालका कान्फ्रेंस हाल में मीटिंग में से उठ कर चले गए। कालका की तरफ से गई है पहल गैर कानूनी है।
सिरसा ही कमेटी के मौजूदा प्रधान हैं और अगले जनरल हाऊस के 20 जनवरी को या जब तक नए जनरल हाऊस का गठन नहीं हो जाता, तब तक वही प्रधान के तौर पर काम करते रहेंगे। इस दौरान ही कमेटी के जनरल मैनेजर सरदार धरमिन्दर सिंह ने एक सर्कुलर के द्वारा कमेटी के अंतरिम कमेटी सदस्यों को सूचित किया है कि डायरेक्टर गुरुद्वारा चुनाव की तरफ से मिले संदेश को देखते एक जनवरी को होने वाली अंतरिम कमेटी की मीटिंग रद्द कर दी गई है।
यह भी स्पष्ट किया है कि अंतरिम कमेटी के पास कोई भी फैसला लेने का अधिकार नहीं है। क्योंकि इसका कार्यकाल खत्म हो चुका है। यह भी कहा कि गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय निदेशक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी को हटाने का अधिकार सिर्फ कमेटी के जनरल हाऊस के पास है। तीन चौथाई बहुमत के साथ प्रस्ताव पास किया जाना जरूरी है।
सिरसा के समर्थन में कहा कि कान्फ्रेंस हॉल में जब कालका को यह बताया गया कि कि सिरसा अपने पद पर बने रह सकते है। अंतरिम कमेटी के पास अधिकारी के इस्तीफे बारे सलाह लेने का अधिकार नहीं है तो सरदार हरमीत सिंह कालका कान्फ्रेंस हाल में मीटिंग में से उठ कर चले गए। कालका की तरफ से गई है पहल गैर कानूनी है।
सिरसा ही कमेटी के मौजूदा प्रधान हैं और अगले जनरल हाऊस के 20 जनवरी को या जब तक नए जनरल हाऊस का गठन नहीं हो जाता, तब तक वही प्रधान के तौर पर काम करते रहेंगे। इस दौरान ही कमेटी के जनरल मैनेजर सरदार धरमिन्दर सिंह ने एक सर्कुलर के द्वारा कमेटी के अंतरिम कमेटी सदस्यों को सूचित किया है कि डायरेक्टर गुरुद्वारा चुनाव की तरफ से मिले संदेश को देखते एक जनवरी को होने वाली अंतरिम कमेटी की मीटिंग रद्द कर दी गई है।