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हाईकोर्ट ने कहा : लोगों को बार-बार कोर्ट आने पर मजबूर न करे सरकार
Wed, 02 Jun 2021 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 02 Jun 2021 02:19 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी का ध्यान रखें
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
विस्तार
उच्च न्यायालय ने कहा कि अदालत या ट्रिब्यूनल द्वारा एक बार फैसला दिए जाने के बाद उसी मुद्दे पर बार-बार मुकदमेबाजी का सहारा लेने के लिए अधिकारी लोगों को मजबूर न करें। अदालत ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि इसी तरह के मुकदमों को खत्म करने के लिए नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी बनाई गई है। उसके बारे में सरकार के सभी अधिकारियों को ध्यान रखना चाहिए।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने इंडिगो एयरलाइंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका आईजीएसटी छूट को लेकर दाखिल की गई थी। अदालत ने कस्टम अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आवेदन पर जल्द से जल्द कानून और तय नीति के अनुसार विचार करें। जल्द निर्णय लेकर याचिकाकर्ता को सूचित किया जाए।
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पीठ ने यह भी कहा कि नए अधिकारी के आने के बाद एक-दो बार इस तरह की घटना हो सकती है, लेकिन यह बार-बार नहीं होनी चाहिए। इसी तरह के मुद्दों को देखते हुए नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी बनाई गई, जो अब भी देश में लागू है। सभी कानूनी मुद्दों में इसे लागू करें और जो फैसला है, उसका अनुपालन करें।
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