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ई-वाहन खरीदने पर मिलेगी सरकारी मदद
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नई दिल्ली। प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने जा रही है। सरकार का अगले पांच साल में 25 फीसदी ई-वाहन सड़कों पर लाने का लक्ष्य है। इनमें दो पहिया से लेकर बसें तक शामिल होंगी। सरकार ई-वाहन खरीदने वालों को प्रोत्साहन राशि भी देगी। दोपहिया से लेकर ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा व माल वाहक वाहन खरीदने पर 30 हजार रुपये और कार पर 1.5 लाख रुपये इंसेंटिव मिलेगा। इसी मकसद के साथ शुक्रवार दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स पॉलिसी-2019 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में 2024 तक जितने भी नए वाहन पंजीकृत होंगे, उसमें से 25 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। केजरीवाल ने कहा कि पॉलिसी के तहत स्टेट ईवी फंड, स्टेट ईवी बोर्ड और डेडिकेटेड ईवी सेल का गठन होगा। स्टेट ईवी बोर्ड के चेयरमैन परिवहन मंत्री होंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पांच साल बाद दुनिया में जहां भी इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स की चर्चा होगी, तो दिल्ली का नाम ऊपर रखा जाएगा।
परामर्श के बाद ढाई साल में तैयार हुई पॉलिसी
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पॉलिसी पर पिछले ढाई साल में काफी चर्चाएं की हैं। यह पॉलिसी किसी एसी कमरे में बैठ कर किसी नेता या अफसर ने नहीं बनाई है। इसके लिए समय-समय पर परामर्श किए और पूरे देश भर से जाने माने लोगों को हमने बुलाया। पूरी दुनिया की इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स पॉलिसी का हमने अध्ययन किया और उसमें से जितनी भी अच्छी-अच्छी बातें मिली, हम उन सभी बातों को इस पॉलिसी में डालने की कोशिश की है। फिर भी, संभव है कि कुछ कमियां हों, जिसे दूर किया जाएगा। यह पॉलिसी तीन साल के लिए है। तीन साल के बाद इसकी समीक्षा भी करेंगे। लेकिन तीन साल के अंदर भी अगर जरूरत पड़ी, तो समय-समय पर इस पॉलिसी को बदलते रहेंगे। उन्होंने दिल्लीवालों से अपील की कि सब मिलकर ई-वाहन पॉलिसी का कामयाब बनाएं।
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एक साल में बनेंगे 200 चार्जिंग स्टेशन बनेंगे
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स के लिए चार्जिंग बड़ी समस्या है। इसके लिए पूरी दिल्ली में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले एक साल में 200 चार्जिंग स्टेशन बनाने जा रहे हैं। सरकार का मकसद इतने चार्जिंग स्टेशन लगाने का है कि दिल्ली में कहीं पर भी तीन किलोमीटर के दायरे में आपको चार्जिंग स्टेशन मिल जाए।
युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग, बनेगा विशेष फंड
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह नई तकनीक है और नया काम है। इसके लिए युवाओं की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसलिए युवाओं को बड़े स्तर पर ट्रेनिंग देने की भी तैयारी हो रही है। इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स से संबंधित जितने भी काम होंगे, उन सभी के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे उनको नौकरी मिल सकेगी। इसमें खासतौर से ड्राइविंग, सेलिंग, फाइनेंस, सर्विसिंग, चार्जिंग आदि में नए-नए किस्म के जॉब पैदा होंगे। दिल्ली में एक स्टेट इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स (ईवी) फंड बनेगा। इसमें जो भी खर्च आएगा, वह इस स्टेट ईवी फंड से किया जाएगा। साथ ही, दिल्ली के स्तर पर एक स्टेट इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स बोर्ड बनाया जाएगा। जिसके चेयरमैन परिवहन मंत्री होंगे। इसके अलावा एक डेडिकेटेड ईवी सेल बनाया जाएगा, जो इस पूरी पॉलिसी को लागू करेगा।
दिल्ली ईवी नीति का लक्ष्य:
. 2024 तक 25 फीसदी ई-वाहन लाने का लक्ष्य, फिलहाल संख्या 0.2 फीसदी।
. एक साल में सरकार 35,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने, लास्ट माइल डिलीवरी के लिए 1000 इलेक्ट्रिक वाहन और दिल्ली में 200 सार्वजनिक चार्जिंग व स्वैपिंग स्टेशन बनाएगी।
सरकारी प्रोत्साहन
. दो पहिया की खरीद पर 30 हजार रुपये।
. कार को 1.5 लाख रुपये तक।
. ऑटो रिक्शा को 30 हजार रुपये तक।
. ई-रिक्शा को 30 हजार रुपये तक।
. माल ढोने वाले वाहन खरीदने पर 30 हजार रुपये तक।
. पुराने डीजल व पेट्रोल का वाहन बदलकर ई-वाहन खरीदने पर मिलेगा स्क्रैपिंग इंसेंटिव।
. वाणिज्यिक वाहनों को खरीदने पर मिलेगा सस्ती दरों पर लोन।
. रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क की छूट।
. वित्तीय प्रोत्साहन फिक्स्ड चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग मॉडल दोनों पर लागू होगा।
चार्जिंग की बढ़ेगी सुविधा:
इस पॉलिसी के तहत दिल्ली में कहीं भी 3 किमी की दूरी के भीतर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों और स्वैपेबल बैटरी स्टेशनों की एक विस्तृत नेटवर्क की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, घर-आधारित चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा।
अनुमानित प्रभाव
पांच लाख ई-वाहन आने से उनके जीवन काल में पेट्रो पदार्थों के आयात में करीब 6,000 करोड़ रुपये और कार्बन उत्सर्जन में 4.8 मिलियन टन की कमी आएगी। कार्बन उत्सर्जन में कमी से 159 टन पीएम 2.5 हवा में नहीं घुलेगा।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में 2024 तक जितने भी नए वाहन पंजीकृत होंगे, उसमें से 25 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। केजरीवाल ने कहा कि पॉलिसी के तहत स्टेट ईवी फंड, स्टेट ईवी बोर्ड और डेडिकेटेड ईवी सेल का गठन होगा। स्टेट ईवी बोर्ड के चेयरमैन परिवहन मंत्री होंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पांच साल बाद दुनिया में जहां भी इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स की चर्चा होगी, तो दिल्ली का नाम ऊपर रखा जाएगा।
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परामर्श के बाद ढाई साल में तैयार हुई पॉलिसी
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पॉलिसी पर पिछले ढाई साल में काफी चर्चाएं की हैं। यह पॉलिसी किसी एसी कमरे में बैठ कर किसी नेता या अफसर ने नहीं बनाई है। इसके लिए समय-समय पर परामर्श किए और पूरे देश भर से जाने माने लोगों को हमने बुलाया। पूरी दुनिया की इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स पॉलिसी का हमने अध्ययन किया और उसमें से जितनी भी अच्छी-अच्छी बातें मिली, हम उन सभी बातों को इस पॉलिसी में डालने की कोशिश की है। फिर भी, संभव है कि कुछ कमियां हों, जिसे दूर किया जाएगा। यह पॉलिसी तीन साल के लिए है। तीन साल के बाद इसकी समीक्षा भी करेंगे। लेकिन तीन साल के अंदर भी अगर जरूरत पड़ी, तो समय-समय पर इस पॉलिसी को बदलते रहेंगे। उन्होंने दिल्लीवालों से अपील की कि सब मिलकर ई-वाहन पॉलिसी का कामयाब बनाएं।
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एक साल में बनेंगे 200 चार्जिंग स्टेशन बनेंगे
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स के लिए चार्जिंग बड़ी समस्या है। इसके लिए पूरी दिल्ली में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले एक साल में 200 चार्जिंग स्टेशन बनाने जा रहे हैं। सरकार का मकसद इतने चार्जिंग स्टेशन लगाने का है कि दिल्ली में कहीं पर भी तीन किलोमीटर के दायरे में आपको चार्जिंग स्टेशन मिल जाए।
युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग, बनेगा विशेष फंड
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह नई तकनीक है और नया काम है। इसके लिए युवाओं की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसलिए युवाओं को बड़े स्तर पर ट्रेनिंग देने की भी तैयारी हो रही है। इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स से संबंधित जितने भी काम होंगे, उन सभी के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे उनको नौकरी मिल सकेगी। इसमें खासतौर से ड्राइविंग, सेलिंग, फाइनेंस, सर्विसिंग, चार्जिंग आदि में नए-नए किस्म के जॉब पैदा होंगे। दिल्ली में एक स्टेट इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स (ईवी) फंड बनेगा। इसमें जो भी खर्च आएगा, वह इस स्टेट ईवी फंड से किया जाएगा। साथ ही, दिल्ली के स्तर पर एक स्टेट इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स बोर्ड बनाया जाएगा। जिसके चेयरमैन परिवहन मंत्री होंगे। इसके अलावा एक डेडिकेटेड ईवी सेल बनाया जाएगा, जो इस पूरी पॉलिसी को लागू करेगा।
दिल्ली ईवी नीति का लक्ष्य:
. 2024 तक 25 फीसदी ई-वाहन लाने का लक्ष्य, फिलहाल संख्या 0.2 फीसदी।
. एक साल में सरकार 35,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने, लास्ट माइल डिलीवरी के लिए 1000 इलेक्ट्रिक वाहन और दिल्ली में 200 सार्वजनिक चार्जिंग व स्वैपिंग स्टेशन बनाएगी।
सरकारी प्रोत्साहन
. दो पहिया की खरीद पर 30 हजार रुपये।
. कार को 1.5 लाख रुपये तक।
. ऑटो रिक्शा को 30 हजार रुपये तक।
. ई-रिक्शा को 30 हजार रुपये तक।
. माल ढोने वाले वाहन खरीदने पर 30 हजार रुपये तक।
. पुराने डीजल व पेट्रोल का वाहन बदलकर ई-वाहन खरीदने पर मिलेगा स्क्रैपिंग इंसेंटिव।
. वाणिज्यिक वाहनों को खरीदने पर मिलेगा सस्ती दरों पर लोन।
. रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क की छूट।
. वित्तीय प्रोत्साहन फिक्स्ड चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग मॉडल दोनों पर लागू होगा।
चार्जिंग की बढ़ेगी सुविधा:
इस पॉलिसी के तहत दिल्ली में कहीं भी 3 किमी की दूरी के भीतर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों और स्वैपेबल बैटरी स्टेशनों की एक विस्तृत नेटवर्क की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, घर-आधारित चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा।
अनुमानित प्रभाव
पांच लाख ई-वाहन आने से उनके जीवन काल में पेट्रो पदार्थों के आयात में करीब 6,000 करोड़ रुपये और कार्बन उत्सर्जन में 4.8 मिलियन टन की कमी आएगी। कार्बन उत्सर्जन में कमी से 159 टन पीएम 2.5 हवा में नहीं घुलेगा।