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पहले खुद की रिश्तेदार के घर चोरी, फिर एफआईआर कराने में की मदद
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नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद में दो भाइयों ने अपनी रिश्तेदार महिला के घर से लाखों की चोरी कर ली। घटना के बाद एक आरोपी महिला के यहां पहुंचा और एफआईआर दर्ज कराने में उसकी मदद की। मामला दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की तो भेद खुल गया। पुलिस ने व्हाट्सएप पर लगी डीपी की मदद से आरोपी प्रद्युमन को गुरुग्राम से पकड़ लिया। उसके पास से 1.47 लाख रुपये व सोने के जेवरात बरामद हो गए। आरोपी के 16 वर्षीय नाबालिग भाई को बिहार के छपरा से पकड़ लिया गया। घटना के बाद दोनों भाई सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि 17 मई को वजीराबाद के संगम विहार निवासी एक महिला ने घर से ढाई लाख रुपये और सोने के जेवरात चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 16 मई को बुध पूर्णिमा के दिन वह परिवार के साथ यमुना में डुबकी लगाने गई थी। वापसी में वह रिश्तेदार के यहां मजनूं का टीला चली गई। उसकी तीनों बेटियां घर आ गईं। बड़ी बेटी मार्केट चली गई। दूसरी बेटी ट्यूशन के लिए आ गई। घर पर 10 वर्षीय छोटी बेटी रह गई। इस दौरान एक लड़का उनके घर पहुंचा। लड़के ने छोटी बेटी को 100 रुपये देकर कोल्ड ड्रिंक लाने के लिए कहा। बेटी जब वापस आई तो घर से नकदी और जेवरात गायब थे। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। पुलिस ने करीब 20 सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद संदिग्धों की पहचान हुई। पीड़ित परिवार को जब यह फुटेज दिखाई तो फौरन उसकी पहचान अपने रिश्तेदार प्रद्युमन और उसके भाई के रूप में की। प्रद्युमन उनका दूर का रिश्तेदार है और परिवार के यहां अक्सर आता है।
चोरी के बाद एफआईआर दर्ज कराने में प्रद्युमन ने ही परिवार की मदद की थी, लेकिन आरोपी कहां रह रहा था, पीड़ित परिवार को इसका पता नहीं था। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल नंबर मिला। उसके व्हाट्सएप की डीपी को देखा गया तो उसके एरिया की पहचान हो गई। पुलिस की एक टीम फौरन गुरुग्राम उसके पते पर पहुंच गई और पकड़ लिया। बाद में प्रद्युमन की निशानदेही पर उसके भाई को बिहार से पकड़ लिया।
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प्रद्युमन ने बताया कि उसे पता था कि महिला के घर पर कैश रखा है। उसने साजिश के तहत बिहार से अपने 16 वर्षीय भाई को बुलाया। घटना वाले दिन भाई को गंजा कर उसके जरिये ही वारदात को अंजाम दिलवाया गया। नाबालिग घर से कैश और जेवरात का बैग उठा लाया। बाद में आरोपी ने नाबालिग को 13 हजार रुपये देकर बाकी कैश अपने पास रख लिया।
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उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि 17 मई को वजीराबाद के संगम विहार निवासी एक महिला ने घर से ढाई लाख रुपये और सोने के जेवरात चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 16 मई को बुध पूर्णिमा के दिन वह परिवार के साथ यमुना में डुबकी लगाने गई थी। वापसी में वह रिश्तेदार के यहां मजनूं का टीला चली गई। उसकी तीनों बेटियां घर आ गईं। बड़ी बेटी मार्केट चली गई। दूसरी बेटी ट्यूशन के लिए आ गई। घर पर 10 वर्षीय छोटी बेटी रह गई। इस दौरान एक लड़का उनके घर पहुंचा। लड़के ने छोटी बेटी को 100 रुपये देकर कोल्ड ड्रिंक लाने के लिए कहा। बेटी जब वापस आई तो घर से नकदी और जेवरात गायब थे। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। पुलिस ने करीब 20 सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद संदिग्धों की पहचान हुई। पीड़ित परिवार को जब यह फुटेज दिखाई तो फौरन उसकी पहचान अपने रिश्तेदार प्रद्युमन और उसके भाई के रूप में की। प्रद्युमन उनका दूर का रिश्तेदार है और परिवार के यहां अक्सर आता है।
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चोरी के बाद एफआईआर दर्ज कराने में प्रद्युमन ने ही परिवार की मदद की थी, लेकिन आरोपी कहां रह रहा था, पीड़ित परिवार को इसका पता नहीं था। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल नंबर मिला। उसके व्हाट्सएप की डीपी को देखा गया तो उसके एरिया की पहचान हो गई। पुलिस की एक टीम फौरन गुरुग्राम उसके पते पर पहुंच गई और पकड़ लिया। बाद में प्रद्युमन की निशानदेही पर उसके भाई को बिहार से पकड़ लिया।
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प्रद्युमन ने बताया कि उसे पता था कि महिला के घर पर कैश रखा है। उसने साजिश के तहत बिहार से अपने 16 वर्षीय भाई को बुलाया। घटना वाले दिन भाई को गंजा कर उसके जरिये ही वारदात को अंजाम दिलवाया गया। नाबालिग घर से कैश और जेवरात का बैग उठा लाया। बाद में आरोपी ने नाबालिग को 13 हजार रुपये देकर बाकी कैश अपने पास रख लिया।