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Delhi News: सरकारी नौकरी का झांसा देकर पिता-पुत्री से ठगी, दो गिरफ्तार
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-सुभाष प्लेस इलाके का मामला, 10.45 लाख रुपये ठगे, भरोसा दिलाने के लिए जालसाज पीड़ितों से सरकारी इमारतों में मिलते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सुभाष प्लेस थाना पुलिस ने आयकर विभाग और गृहमंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने पिता-पुत्री से 10.45 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी पहचान शकूरपुर कालोनी निवासी कौशल किशोर श्रीवास्तव और अरुण कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, कन्फर्मेशन लेटर, फर्जी आईडी कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
उत्तरी-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 12 अगस्त को रानी बाग निवासी जितेंद्र राय ने सुभाष प्लेस थाने में ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह शकूरपुर में फोटोकॉपी व स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। दिसंबर 2024 में कौशल किशोर श्रीवास्तव और अरुण कुमार यादव उनकी दुकान पर आए। बातचीत के दौरान उनलोगों ने नेताओं और मंत्रियों से जान पहचान होने की बात कही। उन्होंने बताया कि कई लोगाेें की सरकारी नौकरी लगा चुके हैं। अपनी बेटी हीमा कुमारी के बारे में बताने पर उनलोगों ने उसे आयकर विभाग में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और इसके एवज में पांच लाख रुपये ले लिए। पूछे जाने पर उनलोगों ने पैसे को मंत्रालय में जमा करने की बात कही। आरोपियों ने जितेंद्र को गृह मंत्रालय में माली की नौकरी लगवाने की बात कहकर उनसे दो लाख रुपये ले लिए। इस बीच आरोपियों ने पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए हीमा को राष्ट्रीय राजनीतिक दल के मुख्यालय ले गए और उसके कैंटीन में बैठाया। पीड़ितों के अनुसार आरोपियों ने किसी न किसी मद में उनसे 1.45 लाख रुपये ले लिए।
नौकरी का दबाव बनाने पर आरोपियों ने पीड़ितों को गृह मंत्रालय और आयकर विभाग की फर्जी नियुक्ति पत्र, और पहचान पत्र सौंप दिया। हीमा के आयकर विभाग में जाने पर पता चला कि उसे फर्जी दस्तावेज दिए गए हैं। उसके बाद जितेंद्र राय ने थाने में शिकायत की।
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पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने का पता लगाकर 13 अगस्त को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सुभाष प्लेस थाना पुलिस ने आयकर विभाग और गृहमंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने पिता-पुत्री से 10.45 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी पहचान शकूरपुर कालोनी निवासी कौशल किशोर श्रीवास्तव और अरुण कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, कन्फर्मेशन लेटर, फर्जी आईडी कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
उत्तरी-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 12 अगस्त को रानी बाग निवासी जितेंद्र राय ने सुभाष प्लेस थाने में ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह शकूरपुर में फोटोकॉपी व स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। दिसंबर 2024 में कौशल किशोर श्रीवास्तव और अरुण कुमार यादव उनकी दुकान पर आए। बातचीत के दौरान उनलोगों ने नेताओं और मंत्रियों से जान पहचान होने की बात कही। उन्होंने बताया कि कई लोगाेें की सरकारी नौकरी लगा चुके हैं। अपनी बेटी हीमा कुमारी के बारे में बताने पर उनलोगों ने उसे आयकर विभाग में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और इसके एवज में पांच लाख रुपये ले लिए। पूछे जाने पर उनलोगों ने पैसे को मंत्रालय में जमा करने की बात कही। आरोपियों ने जितेंद्र को गृह मंत्रालय में माली की नौकरी लगवाने की बात कहकर उनसे दो लाख रुपये ले लिए। इस बीच आरोपियों ने पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए हीमा को राष्ट्रीय राजनीतिक दल के मुख्यालय ले गए और उसके कैंटीन में बैठाया। पीड़ितों के अनुसार आरोपियों ने किसी न किसी मद में उनसे 1.45 लाख रुपये ले लिए।
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नौकरी का दबाव बनाने पर आरोपियों ने पीड़ितों को गृह मंत्रालय और आयकर विभाग की फर्जी नियुक्ति पत्र, और पहचान पत्र सौंप दिया। हीमा के आयकर विभाग में जाने पर पता चला कि उसे फर्जी दस्तावेज दिए गए हैं। उसके बाद जितेंद्र राय ने थाने में शिकायत की।
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पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने का पता लगाकर 13 अगस्त को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे थे।