आज भी बेनतीजा रही किसान नेताओं और सरकार के बीच वार्ता, 15 जनवरी को होगी अगली बैठक
नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन आज 44वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लेकिन अब तक गतिरोध खत्म होता नहीं दिख रहा है। किसानों को मनाने के लिए आज हुई आठवें दौर की वार्ता भी एक बार फिर बेनतीजा रही। अब अगली बैठक 15 जनवरी को होगी। किसान यूनियन कृषि कानूनों को रद्द करने से कम पर राजी नहीं हैं, जबकि सरकार बार-बार इसमें संशोधन करने की बात रह रही है। बातचीत से पहले गुरुवार को हजारों किसानों ने दिल्ली के चारों ओर ट्रैक्टर रैली निकालकर सरकार को अपनी शक्ति का अहसास कराया था। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स....
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बैठक में सभी किसान नेताओं ने एक आवाज़ में बिल रद्द करने की मांग कीः टिकैत
तारीख पर तारीख चल रही है। बैठक में सभी किसान नेताओं ने एक आवाज़ में बिल रद्द करने की मांग की। हम चाहते हैं बिल वापस हो, सरकार चाहती है संशोधन हो। सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो हमने भी सरकार की बात नहीं मानी: राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता pic.twitter.com/avMZ9hhzka
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2021
मुझे आशा है 15 जनवरी को कोई समाधान निकलेगाः तोमर
किसान यूनियन और सरकार दोनों ने 15 जनवरी को दोपहर 12 बजे बैठक का निर्णय लिया है। मुझे आशा है कि 15 जनवरी को कोई समाधान निकलेगा : केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर https://t.co/Wnld03XRbh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2021
देश में बहुत से लोग कृषि कानूनों के पक्ष में हैंः तोमर
सरकार ने बार-बार कहा है कि किसान यूनियन अगर क़ानून वापिस लेने के अलावा कोई विकल्प देंगी तो हम बात करने को तैयार हैं। आंदोलन कर रहे लोगों का मानना है कि इन क़ानूनों को वापिस लिया जाए। परन्तु देश में बहुत से लोग इन क़ानूनों के पक्ष में हैं : केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर pic.twitter.com/0Knue9wcrG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2021
कानूनों को वापिस लेने के अलावा कोई विकल्प दिया जाएः तोमर
आज किसान यूनियन के साथ तीनों कृषि क़ानूनों पर चर्चा होती रही परन्तु कोई समाधान नहीं निकला। सरकार की तरफ से कहा गया कि क़ानूनों को वापिस लेने के अलावा कोई विकल्प दिया जाए, परन्तु कोई विकल्प नहीं मिला: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, किसान नेताओं से मुलाकात के बाद pic.twitter.com/RzfQs44WKa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2021
सरकान ने हमें कहा कि कोर्ट में चलोः अखिल भारतीय किसान सभा
सरकान ने हमें कहा कि कोर्ट में चलो। हम ये नहीं कह रहे कि ये
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2021
नए कृषि क़ानून गैर-क़ानूनी है। हम इसके खिलाफ हैं। इन्हें सरकार वापिस ले। हम कोर्ट में नहीं जाएंगे। हम अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे: महासचिव, अखिल भारतीय किसान सभा, सरकार के साथ मुलाकात के बाद #FarmersProtest pic.twitter.com/Lb6ri2Jq3s
हम कानून वापिस लेने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगेः किसान नेता
सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेता बोले, '15 जनवरी को सरकार द्वारा फिर से बैठक बुलाई गई है। सरकार कानूनों में संशोधन की बात कर रही है, परन्तु हम कानून वापिस लेने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।
आठवें दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला कोई नतीज, बैठक खत्म
विज्ञान भवन के बाहर चल रहा लंगर
एक ओर जहां विज्ञान भवन के अंदर किसान नेताओं और सरकार की बैठक चल रही है, वहीं विज्ञान भवन के बाहर लोगों को लंगर खिलाया जा रहा है।Delhi: Langar being distributed outside Vigyan Bhawan, where the eighth round of talks between Central Government and farmer leaders is underway over #FarmLaws pic.twitter.com/YqJnm9yc7m
— ANI (@ANI) January 8, 2021