सम विषम: डीटीसी ही करेगा निजी बसों का संचालन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 10 Oct 2019 06:36 AM IST
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डीटीसी - फोटो : SELF

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राजधानी में सम-विषम व्यवस्था के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जाने वाले निजी बसों का संचालन दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ही करेगा। ये बसें डीटीसी के रूटों पर चलाई जाएंगी। किस रूट पर कितनी बसें चलेंगी, इस पर डीटीसी अधिकारी काम कर रहे हैं। खास बात यह है कि पहचान के लिए इन बसों पर विशेष पोस्टर या बैनर लगाए जाएंगे। इनके संचालन के संबंध में डीटीसी ने सरकार को प्रस्ताव सौंप दिया है।
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सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में 4 से 15 नवंबर तक लागू होने वाले सम-विषम के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 2 हजार बसें चलाई जाएंगी। इनके संचालन के लिए निजी ऑपरेटर्स से निविदाएं मंगाई जाएंगी। इस दौरान जितने भी ऑपरेटर्स की निविदाएं आएंगी, उन सभी को स्वीकार किए जाने की संभावना है। ऐसा इसलिए है कि दिल्ली में एक ऑपरेटर के पास 2 हजार बसें उपलब्ध नहीं हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए हर हाल में सम-विषम शुरू होने से पहले बसों की व्यवस्था अनिवार्य है।


50 रुपये प्रति किलोमीटर की दर संभव

संचालन के लिए निजी बसों को 50 रुपये प्रति किमी का रेट दिया जा सकता है। इससे पहले लागू हुए सम-विषम के दौरान निजी बसों को 41 रुपये की दर से भुगतान किया गया था। इन बसों के संचालन के लिए डीटीसी ने सरकार को अपना प्रस्ताव भेज दिया है। किसी बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी तो इसके कैबिनेट में जल्द पास होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इन बसों को डीटीसी के बेड़े के साथ चलाया जाएगा। इन बसों की पहचान के लिए विशेष पोस्टर और बैनरों का प्रयोग किया जाएगा, ताकि यात्रियों को पता लग सके कि बस डीटीसी की है।

डीटीसी के कंडक्टर ईटीएम से काटेंगे टिकट
सूत्रों के मुताबिक, सम-विषम के दौरान चलने वाली निजी बसों को निजी ऑपरेटर्स के चालक चलाएंगे, लेकिन इनमें टिकट डीटीसी के कंडक्टर ही देंगे। इन सभी बसों में कंडक्टरों को तैनात करने के लिए डीटीसी अतिरिक्त कंडक्टरों को नियुक्त करने की योजना पर भी काम कर रही है। कंडक्टर इन बसों में ईटीएम के जरिये टिकट काटेंगे।

यात्रियों की सुरक्षा के मानदंड अनिवार्य

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, निजी बसें किसी भी रंग की हो सकती हैं। इनमें चार्टर्ड बसें भी शामिल हो सकती हैं। इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी मानदंडों की जांच की जाएगीी। इस पर खरे उतरने वाले ऑपरेटर्स की बस को रेट तय होने पर सम-विषम में शामिल किया जाएगा।

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