फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   ED can investigate money transaction from China in lieu of espionage

जासूसी कांडः चीन से पैसों के लेनदेन में ईडी कर सकती है जांच, पत्रकार के वकील ने कहा- फंसाया है

Mon, 21 Sep 2020 01:00 AM IST
नोएडा ब्यूरो पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Mon, 21 Sep 2020 01:00 AM IST
विज्ञापन
ED can investigate money transaction from China in lieu of espionage
ed

चीन को गोपनीय और रणनीतिक महत्व की सूचनाएं देने के आरोपी स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा की गिरफ्तारी के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखने जा रही है। पता चला है कि राजीव शर्मा ने जासूसी की एवज में 50 लाख रुपये से ज्यादा पैसा लिया है।

विज्ञापन


ऐसे में ईडी यह देखेगी कि पैसा कब-कब दिया गया और चीन से किस जरिए से आया। उधर, इस मामले में स्पेशल सेल के रडार पर कई और लोग हैं। इनमें कुछ पत्रकार भी शामिल हैं, जिनसे पूछताछ चल रही है।
विज्ञापन


स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि एक-दो दिन में ईडी को आगे की जांच के लिए पत्र लिख दिया जाएगा। उधर, जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि राजीव शर्मा ने जासूसी की एवज में जो रकम ली है वह बहुत ज्यादा है और ज्यादातर पैसा नकद में लिया है। पता चला है कि वह महिपालपुर में चीनी महिला क्विंग शी के पास पैसे लेने जाता था। कई बार क्विंग शी की कंपनी की ओर से राजीव शर्मा के घर पैसे पहुंचाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्पेशल सेल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राजीव शर्मा पिछले करीब डेढ़ वर्ष में चीनी खुफिया एजेंसियों से 50 लाख से ज्यादा रुपये ले चुका है। उसके ई-मेल को एक्सेस किया जा रहा है, जिससे कुछ और जानकारियां मिलने की संभावना है। इस काम में कंप्यूटर व फोरेंसिक एक्सपर्ट की भी सहायता ली जा रही है।

नर्स बनने भारत आई थी क्विंग शी
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार चीनी महिला क्विंग शी वर्ष 2013 में नर्स बनने दिल्ली आई थी और जामिया मिल्लिया से कोर्स किया। इसके बाद दिल्ली के ही एक-दो अस्पतालों में नर्स की नौकरी की थी। बाद में उसने चीनी दंपती के कहने पर महिपालपुर स्थित एमजेड फार्मेसी कंपनी ज्वाइन की और जल्द ही उसे कंपनी का डायरेक्टर बना दिया गया।

क्विंग शी को ज्यादा जानकारी नहीं
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि क्विंग शी कंपनी की निदेशक जरूर है, मगर उसे ज्यादा जानकारी नहीं है। उसे सिर्फ यह पता है कि चीनी खुफिया एजेंसी के अधिकारी जार्ज उसकी कंपनी को पैसे भेजते हैं और वह राजीव शर्मा को देने होते थे।

राजीव शर्मा को गलत आरोपों में फंसाया

चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में सरकारी गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के वकील ने पुलिस द्वारा उन पर लगाए आरोपों को गलत बताया है। अधिवक्ता अदिश अग्रवाल ने कहा कि हम इस बात को नहीं नकार रहे हैं कि वह चीनी न्यूज संगठन के लिए काम कर रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को उनके मुवक्किल के घर की तलाशी में कोई सबूत नहीं मिले। इसके बावजूद उन्हें फंसाया जा रहा है।

अग्रवाल ने कहा कि जिस समय पुलिस ने राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया था उस समय मीडिया को जानकारी दी जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। इस मामले में रक्षा मंत्रालय के किसी भी अधिकारी से पूछताछ नहीं की जा रही है। राजीव शर्मा के पास मिले दस्तावेज उन्हें किसी ओर से ही मिले होंगे, न कि उन्होंने अपने घर पर छापे होंगे। अग्रवाल ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद पत्रकार के पास उनके परिवार को जाने की इजाजत नहीं दी गई और न ही यह बताया कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया है।

एफआईआर की कॉपी भी ऑनलाइन नहीं मिली थी। जब पत्रकार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया तब भी उन्हें कोई वकील उपलब्ध नहीं कराया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास सिर्फ इतनी जानकारी है कि राजीव शर्मा किसी चीनी न्यूज संगठन के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने कहा जमानत के लिए अर्जी दायर की है, जिस पर 22 सितंबर को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार राजीव शर्मा की समाज में प्रतिष्ठा है। उनकी पत्नी दिल्ली विश्वविद्यालय के वेंकटेश्वर कॉलेज में प्रोफेसर हैं। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया से भागने की संभावना नहीं है। इस मामले में सबूतों से भी छेड़छाड़ की संभावना नहीं है। जब भी आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा वह हाजिर होंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed