{"_id":"64889de0b7034e2bc40469a5","slug":"delhi-power-demand-7098-megawatt-highest-in-this-season-on-13-june-till-2023-06-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Delhi: सीजन में पहली बार 13 जून को 7098 मेगावाट बिजली की डिमांड, 13 दिन में 61 फीसदी बढ़ी; टूटा रिकार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: सीजन में पहली बार 13 जून को 7098 मेगावाट बिजली की डिमांड, 13 दिन में 61 फीसदी बढ़ी; टूटा रिकार्ड
Tue, 13 Jun 2023 10:20 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 13 Jun 2023 10:20 PM IST
सार
देश की राजधानी दिल्ली में इस सीजन में पहली बार इतनी ज्यादा बिजली की खपत हुई। एक जून को मांग सिर्फ 4390 मेगावाट दर्ज की गई थी। लेकिन 13 दिनों के भीतर बिजली की पीक डिमांड 61 फीसदी बढ़ गई।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के साथ ही बिजली की मांग भी रिकार्ड तोड़ रही है। मंगलवार को मांग 7098 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस सीजन में सर्वाधिक है। बीआरपीएल इलाके में 3103 मेगावाट और बीवाईपीएल में 1615 मेगावाट बिजली की खपत हुई, जबकि एक जून को दिल्ली में बिजली की मांग सिर्फ 4390 मेगावाट दर्ज की गई थी। महज 13 दिनों के भीतर 2708 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो करीब 61 प्रतिशत है।
विज्ञापन
पिछले साल बिजली की पीक मांग 7695, 2021 में 7323 व 2020 में 6314 मेगावाट दर्ज की गई थी। बीआरपीएल क्षेत्र की बात करें तो पिछले साल 3389 और 2021 में यह 3118 मेगावाट थी। इस साल बीआरपीएल में बिजली की मांग 3570 मेगावाट पहुंचने की संभावना है। बीवाईपीएल की बात करें, तो पिछले साल इस क्षेत्र में मांग 1752 मेगावाट पहुंची थी, जबकि 2021 में यह 1656 मेगावाट दर्ज की गई थी। इस साल यानी 2023 में बीवाईपीएल में बिजली की मांग 1880 मेगावाट के आंकड़े को छू सकती है।
विज्ञापन
इधर, उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए बिजली कंपनी बीएसईएस और टाटा पावर ने न सिर्फ बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की है। बल्कि बिजली की मांग का लगभग सटीक अनुमान लगाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया है। इसमें मौसम का अनुमान लगाने वाली तकनीक भी शामिल है। लोड का लगभग सटीक अनुमान लगाने में तापमान, बारिश, बादल, हवा की गति, हवा की दिशा और उमस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसे देखते हुए एडवांस्ड स्टैटिस्टिकल फोरकास्टिंग मॉडल्स, अत्याधुनिक वेदर फोरकास्टिंग सोल्यूशंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन