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स्पेशल सेल ने आईएम के आतंकी तहसीन से तिहाड़ में चार घंटे की पूछताछ
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नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर 25 फरवरी को एसयूवी में मिले विस्फोटक के मामले में शनिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकी तहसीन अख्तर से पूछताछ करने तिहाड़ जेल पहुंची। दिल्ली पुलिस ने यहां जेल नंबर आठ में एक अलग कमरे में उससे उसके बैरक से बरामद मोबाइल के सिलसिले में करीब चार घंटे पूछताछ की।
छानबीन के दौरान इस्राइली एंबेसी के बाहर हुए धमाके तार भी तिहाड़ जेल से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि टेलीग्राम के जरिये धमाके की जिम्मेदारी जैश-उल-हिंद नामक संगठन ने ली थी। मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोट की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों ही मामलों में एक ही नंबर से टेलीग्राम चैनल बनाकर जिम्मेदारी ली गई। अब पुलिस ने जेल से बरामद तीनों मोबाइल को जांच के लिए एफएसएल के पास भेज दिया है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में स्पेशल सेल तहसीन की औपचारिक गिरफ्तारी कर सकती है।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में कोर्ट से अनुमति लेकर तहसीन से पूछताछ की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो अन्य कैदियों से भी पूछताछ हो सकती है। बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया था कि जिस टेलीग्राम चैनल से गाड़ी में विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी ली गई थी। उसकी लोकेशन तिहाड़ जेल की मिली थी।
मुंबई पुलिस ने एक निजी एजेंसी से इसकी जांच कराई थी। जानकारी मिली तो दिल्ली पुलिस ने जेल नंबर-8 में छापेमारी कराई। इसके बाद आईएम के आतंकी तहसीन अख्तर की बैरक से दो और उसके बराबर वाली बैरक से एक मोबाइल बरामद हुआ।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि इन मोबाइल का इस्तेमाल करके ही विस्फोटक रखने और इस्राइली एंबेसी के बाहर धमाके की जिम्मेदारी ली गई थी। जिन नंबरों का इस्तेमाल हुआ था, उनकी पड़ताल करने पर पता चला कि उनकी लोकेशन उस समय तिहाड़ जेल की ही थी। इन मोबाइल में जिन दो नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे पूर्वी दिल्ली के रघुबरपुरा में एक ही शख्स के नाम पर लिये गए हैं।
पुलिस आशंका जता रही है कि तहसीन के अलावा जेल में बंद कुछ और आतंकी भी फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। अब पुलिस इन नंबरों की डिटेल निकलवाकर पता लगा रही है कि इनसे किस-किस को कॉल की गई। पुलिस जेल में बंद बाकी आतंकियों से भी इस मामले में पूछताछ कर सकती है। इधर जेल में फोन मिलने के बाद अफरा-तफरी है। दिल्ली सरकार ने जेल प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।
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छानबीन के दौरान इस्राइली एंबेसी के बाहर हुए धमाके तार भी तिहाड़ जेल से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि टेलीग्राम के जरिये धमाके की जिम्मेदारी जैश-उल-हिंद नामक संगठन ने ली थी। मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोट की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों ही मामलों में एक ही नंबर से टेलीग्राम चैनल बनाकर जिम्मेदारी ली गई। अब पुलिस ने जेल से बरामद तीनों मोबाइल को जांच के लिए एफएसएल के पास भेज दिया है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में स्पेशल सेल तहसीन की औपचारिक गिरफ्तारी कर सकती है।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में कोर्ट से अनुमति लेकर तहसीन से पूछताछ की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो अन्य कैदियों से भी पूछताछ हो सकती है। बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया था कि जिस टेलीग्राम चैनल से गाड़ी में विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी ली गई थी। उसकी लोकेशन तिहाड़ जेल की मिली थी।
मुंबई पुलिस ने एक निजी एजेंसी से इसकी जांच कराई थी। जानकारी मिली तो दिल्ली पुलिस ने जेल नंबर-8 में छापेमारी कराई। इसके बाद आईएम के आतंकी तहसीन अख्तर की बैरक से दो और उसके बराबर वाली बैरक से एक मोबाइल बरामद हुआ।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि इन मोबाइल का इस्तेमाल करके ही विस्फोटक रखने और इस्राइली एंबेसी के बाहर धमाके की जिम्मेदारी ली गई थी। जिन नंबरों का इस्तेमाल हुआ था, उनकी पड़ताल करने पर पता चला कि उनकी लोकेशन उस समय तिहाड़ जेल की ही थी। इन मोबाइल में जिन दो नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे पूर्वी दिल्ली के रघुबरपुरा में एक ही शख्स के नाम पर लिये गए हैं।
पुलिस आशंका जता रही है कि तहसीन के अलावा जेल में बंद कुछ और आतंकी भी फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। अब पुलिस इन नंबरों की डिटेल निकलवाकर पता लगा रही है कि इनसे किस-किस को कॉल की गई। पुलिस जेल में बंद बाकी आतंकियों से भी इस मामले में पूछताछ कर सकती है। इधर जेल में फोन मिलने के बाद अफरा-तफरी है। दिल्ली सरकार ने जेल प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।