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दिल्ली: झारखंड के जामताड़ा से ट्रेनिंग लेकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, एक सप्ताह में 20 को लगाया चूना
Thu, 13 May 2021 08:15 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 13 May 2021 08:15 AM IST
सार
कोविड महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर व दूसरे उपकरणों के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने चार ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है।
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फाइल फोटो
- फोटो : social media
विस्तार
मध्य जिला के करोलबाग थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसका मुखिया झारखंड के जामताड़ा में साइबर ठगी की ट्रेनिंग लेकर वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस संबंध में गैंग सरगना सेक्टर-21, गुरुग्राम, हरियाणा निवासीप रवीश उर्फ अबीराम (24) , मोहम्मद आरजू उर्फ साहिल (23), सेक्टर-22, गुरुग्राम निवासी योगेश सिंह (27) और गांव धरनपुर, फरुर्खाबाद, यूपी निवासी रितिक सिंह (19) के रूप में हुई है।
आरोपी कोविड महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर व दूसरे उपकरणों के नाम पर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली में हुई ठगी छह वारदातें सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इनके 16 बैंक खाते फ्रीज किए हैं जिसमें 2.46 लाख रुपये मिले हैं।
आरोपी एक सप्ताह में दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत अन्य जगहों पर बीस से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से पुलिस ने चार मोबाइल, 16 सिमकार्ड, एक लैपटॉप, दो बाइक, एक स्कूटी व काफी संख्या में दस्तावेज बरामद किए हैं।
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संत नगर, करोलबाग निवासी क्षतिज मेहरा ने अपने एक दोस्त के लिए ऑन लाइन सिलिंडर मंगाने के लिए आरोपियों से संपर्क किया था। आरोपी ने सोशल मीडिया से मिले नंबर पर खुद की पहचान रितिक सिंह बताई। आरोपी ने सिलिंडर के बदले 47500 रुपये की मांग की। बताए गए खाते में पीड़ित ने रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन उसे सिलिंडर नहीं मिला।
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आरोपी कोविड महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर व दूसरे उपकरणों के नाम पर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली में हुई ठगी छह वारदातें सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इनके 16 बैंक खाते फ्रीज किए हैं जिसमें 2.46 लाख रुपये मिले हैं।
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आरोपी एक सप्ताह में दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत अन्य जगहों पर बीस से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से पुलिस ने चार मोबाइल, 16 सिमकार्ड, एक लैपटॉप, दो बाइक, एक स्कूटी व काफी संख्या में दस्तावेज बरामद किए हैं।
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संत नगर, करोलबाग निवासी क्षतिज मेहरा ने अपने एक दोस्त के लिए ऑन लाइन सिलिंडर मंगाने के लिए आरोपियों से संपर्क किया था। आरोपी ने सोशल मीडिया से मिले नंबर पर खुद की पहचान रितिक सिंह बताई। आरोपी ने सिलिंडर के बदले 47500 रुपये की मांग की। बताए गए खाते में पीड़ित ने रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन उसे सिलिंडर नहीं मिला।
इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस से की। छानबीन के बाद पुलिस ने तीन मई को मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मोबाइल नंबर और बैंक खाते के आधार पर पुलिस ने फरुर्खाबाद, यूपी से एक आरोपी रितिक को सात मई को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद इससे पूछताछ हुई। आरोपी ने गैंग के बाकी सदस्यों योगेश सिंह, मो. आरजू और रवीश के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने गुरुग्राम में छापेमारी कर बाकी तीनों को 10 मई को गिरफ्तार कर लिया। गैंग के सरगना रवीश ने बताया कि वह जामतारा से ठगी की ट्रेनिंग लेकर आया था।
इसके बाद उसने कई बैंकों में अकाउंट खुलवाकर उसमें ठगी की रकम को ट्रांसफर करवाना शुरू कर दिया। गैंग में उसने बाकी तीनों को शामिल किया। कोविड के समय ऑक्सीजन सिलिंडर व बाकी दूसरे उपकरणों के नाम पर आसानी से ठगी जाने लगी। अपने गैंग के बाकी सदस्यों को रवीश हर महीनें सैलरी देता था।
इसके बाद इससे पूछताछ हुई। आरोपी ने गैंग के बाकी सदस्यों योगेश सिंह, मो. आरजू और रवीश के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने गुरुग्राम में छापेमारी कर बाकी तीनों को 10 मई को गिरफ्तार कर लिया। गैंग के सरगना रवीश ने बताया कि वह जामतारा से ठगी की ट्रेनिंग लेकर आया था।
इसके बाद उसने कई बैंकों में अकाउंट खुलवाकर उसमें ठगी की रकम को ट्रांसफर करवाना शुरू कर दिया। गैंग में उसने बाकी तीनों को शामिल किया। कोविड के समय ऑक्सीजन सिलिंडर व बाकी दूसरे उपकरणों के नाम पर आसानी से ठगी जाने लगी। अपने गैंग के बाकी सदस्यों को रवीश हर महीनें सैलरी देता था।