{"_id":"6011f604a04af65c0a1ec98b","slug":"delhi-news-united-kisan-morcha-took-moral-responsibility-of-violence","type":"story","status":"publish","title_hn":"संयुक्त किसान मोर्चा ने ली हिंसा की नैतिक जिम्मेदारी, कहा- साजिश थी लाल किले की हिंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संयुक्त किसान मोर्चा ने ली हिंसा की नैतिक जिम्मेदारी, कहा- साजिश थी लाल किले की हिंसा
Thu, 28 Jan 2021 04:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 28 Jan 2021 04:53 AM IST
विज्ञापन
बवाल के अगले दिन...
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि उनका आंदोलन चलता रहेगा। 26 जनवरी को हुई ट्रैक्टर रैली में हिंसा पर मोर्चा ने साफ किया है कि उनके संगठनों के आंदोलनकारी किसान इसके जिम्मेदार नहीं है। संयुक्त मोर्चे के सदस्य योगेंद्र यादव ने कहा कि हिंसा में योगदान न होने के बावजूद मोर्चा इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेता है और हिंसा के विरोध में मोर्चा के किसान 30 जनवरी को सामूहिक उपवास रखेंगे और एक फरवरी को होने वाला किसान संसद मार्च भी अब नहीं होगा। किसान नेताओं ने कहा आंदोलन करना हमारा हक है, हिंसा की घटना शर्मनाक है, किसान आंदोलन के इस पवित्र उद्देश्य को अराजकता का मंच नहीं बनने देंगे। मोर्चे के नेताओं ने लाल किला की घटना पर खेद भी व्यक्त किया।
किसान संगठनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता बलबीर सिंह राजेवाल ने की। बैठक के बाद जानकारी को मीडिया से सांझा करते हुए स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन से भयभीत हो गई थी। इसलिए किसानों और मजदूरों की संघर्ष समिति के इस सांझा आयोजन में उपद्रवियों को भेजकर उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
यादव ने कहा जांच होनी चाहिए कि जिन लोगों ने आंदोलन के 15 वें ही दिन अलग मोर्चा बना लिया था, वह उनके आंदोलन का हिस्सा नहीं थे। वह कैसे ट्रैक्टर लेकर निकले। उन्होंने कहा जब संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 जनवरी की परेड का कार्यक्त्रस्म घोषित किया तब दीप सिद्धू जैसे असामाजिक तत्वों ने इसका विरोध किया था, इसका नतीजा यह रहा है कि इन विरोधी दलों ने शरारती तत्वों और तथाकथित किसान संगठनों के साथ मिलकर उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को विफल करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
यादव ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जनता का किसानों के प्रति खोया विश्वास फिर लौटेगा, उन्हें फिर से पूर्व की भांति जनसमर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा साजिश के तहत ही विरोधी संगठन ने तय समय से दो घंटे पहले ही रैली निकालना शुरु कर दिया। जोकि उनके मजबूत और शांतिपूर्ण आंदोलन को असफल की करने की साजिश की शुरुआत थी, इसे दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं रोका यह अपने आप में जांच का विषय है। उन्होंने कहा संयुक्त मोर्चे में शामिल लगभग 40 संगठन इस कृत्य की घोर निंदा करते हैं।
मोर्चा ने किसानों से अपने अपने मोर्चे पर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन का हिस्सा बने रहने की अपील की। इस बैठक में शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी, जगजीत सिंह डालेवाल, युद्धवीर सिंह और दर्शन पाल समेत कई किसान नेता शामिल रहे।
मोर्चा के किसान नेता राजेंद्र सिंह ने कहा लाल किले पर हुई हिंसा का जिम्मेदार सतनाम सिंह पन्नू और उसका संगठन है। उन्होंने कहा लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाना बेहद असम्मानजनक है। उन्होंने कहा पन्नू और उनके लोगों को बार बार समझाया गया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने ही बैरिकेड तोड़े अराजकता फैलाकर किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता धर्मेद्र मलिक ने कहा कि गंणतंत्र दिवस पर हुई ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की जिम्मेदारी किसानों की नहीं उपद्रवियों की है। मलिक ने कहा किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
लाल किला 31 तक पर्यटकों के लिए बंद
मंगलवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद लाल किला पर्यटकों के लिए 31 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। एएसआई ने इस बाबत आदेश जारी किये हैं। हालांकि उन आदेशों में यह नहीं बताया गया है कि ऐसा क्यों किया गया है।
विज्ञापन
किसान संगठनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता बलबीर सिंह राजेवाल ने की। बैठक के बाद जानकारी को मीडिया से सांझा करते हुए स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन से भयभीत हो गई थी। इसलिए किसानों और मजदूरों की संघर्ष समिति के इस सांझा आयोजन में उपद्रवियों को भेजकर उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
विज्ञापन
यादव ने कहा जांच होनी चाहिए कि जिन लोगों ने आंदोलन के 15 वें ही दिन अलग मोर्चा बना लिया था, वह उनके आंदोलन का हिस्सा नहीं थे। वह कैसे ट्रैक्टर लेकर निकले। उन्होंने कहा जब संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 जनवरी की परेड का कार्यक्त्रस्म घोषित किया तब दीप सिद्धू जैसे असामाजिक तत्वों ने इसका विरोध किया था, इसका नतीजा यह रहा है कि इन विरोधी दलों ने शरारती तत्वों और तथाकथित किसान संगठनों के साथ मिलकर उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को विफल करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
यादव ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जनता का किसानों के प्रति खोया विश्वास फिर लौटेगा, उन्हें फिर से पूर्व की भांति जनसमर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा साजिश के तहत ही विरोधी संगठन ने तय समय से दो घंटे पहले ही रैली निकालना शुरु कर दिया। जोकि उनके मजबूत और शांतिपूर्ण आंदोलन को असफल की करने की साजिश की शुरुआत थी, इसे दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं रोका यह अपने आप में जांच का विषय है। उन्होंने कहा संयुक्त मोर्चे में शामिल लगभग 40 संगठन इस कृत्य की घोर निंदा करते हैं।
मोर्चा ने किसानों से अपने अपने मोर्चे पर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन का हिस्सा बने रहने की अपील की। इस बैठक में शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी, जगजीत सिंह डालेवाल, युद्धवीर सिंह और दर्शन पाल समेत कई किसान नेता शामिल रहे।
मोर्चा के किसान नेता राजेंद्र सिंह ने कहा लाल किले पर हुई हिंसा का जिम्मेदार सतनाम सिंह पन्नू और उसका संगठन है। उन्होंने कहा लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाना बेहद असम्मानजनक है। उन्होंने कहा पन्नू और उनके लोगों को बार बार समझाया गया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने ही बैरिकेड तोड़े अराजकता फैलाकर किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता धर्मेद्र मलिक ने कहा कि गंणतंत्र दिवस पर हुई ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की जिम्मेदारी किसानों की नहीं उपद्रवियों की है। मलिक ने कहा किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
लाल किला 31 तक पर्यटकों के लिए बंद
मंगलवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद लाल किला पर्यटकों के लिए 31 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। एएसआई ने इस बाबत आदेश जारी किये हैं। हालांकि उन आदेशों में यह नहीं बताया गया है कि ऐसा क्यों किया गया है।